मंगलवार, 17 नवंबर 2020

10 गांवों में अरहर, सरसों और गेहूं की खड़ी फसल बिछी, बोवनी की तैयारी प्रभावित

10 गांवों में अरहर, सरसों और गेहूं की खड़ी फसल बिछी, बोवनी की तैयारी प्रभावित

रविवार देर शाम बारिश व ओलावृष्टि से सबलगढ़ अंचल के 10 गांव में किसानों की अरहर, मूंग व उड़द की खड़ी फसल खेतों में बिछ गई है। जो खेत बोवनी के लिए तैयार थे उनमें किसानों को फिर से बोवनी करना हाेगी। सरसों की 25 से 30 दिन की फसल के लिए यह पानी सिंचाई तुल्य माना जा रहा है।

सबलगढ़ के टोंगा, जाटौली, पचेर, गोंदोली, टेंटरा, गुलालई, टोंगा, खेरा डिगवार, बनवारा व किशोरगढ़ गांव में रविवार की शाम 7 बजे से 7.30 बजे तक बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई। बेर के आकार का ओला गिरने से किसानों की खेत में बर्फ खड़ी अरहर, मूंग व उड़द की फसल नष्ट हो गई है। सोमवार की दोपहर 12 बजे तक ओला खेतों में बर्फ की सिल्ली के रूप में पिघल रहा था।

टोंगा के किसान सुरेन्द्र रावत का कहना है कि ओला पिघलने से उनके गांव के तालाब में पानी का लेवल ऊंचा हो गया है। यह पानी खेतों से बहकर तालाब तक पहुंच रहा है। ओलावृष्टि ने तैयार खेत भी खराब कर दिए हैं। मौसम साफ होने के बाद किसानों को बोवनी के लिए खेतों की जुताई फिर से कराना पड़ेगी। रामगढ़ के बंटी व्यास ने बताया कि रविवार की शाम 6.45 बजे से 7.30 बजे तक रामगढ़ में 30 से 40 ग्राम का ओला गिरा है। इससे अरहर की फसल को बड़ा नुकसान हुआ है।

जानिए... जिले में कहां कितनी बारिश दर्ज
रविवार की शाम जिले की छह तहसीलों के गांवों में 12 मिमी से लेकर 48 मिमी तक बारिश हुई है। सबलगढ़ में अधिक व मुरैना में कम ओलावृष्टि से फसलों काे नुकसान हुआ है।



टाेंगा में ओलावृष्टि से नष्ट अरहर की फसल।




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