कोरोना के संक्रमित मिलने का सिलसिला कम नहीं हुआ है पर खरीदार और दुकानदार न सोशल डिस्टेंस का ख्याल रख रहे और न मास्क का ही प्रयोग कर रहे हैं। इस कारण संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका बढ़ गई है। हालात इतने चिंताजनक होने के बाद भी दो माह से न तो नगर निगम ने कोई कार्रवाई और न ही ट्रैफिक पुलिस ने। बाजार में खरीदारी को आने वाले लोगों में 90 प्रतिशत के मुंह पर मास्क लगा नहीं दिखाई दे रहा है।
आलम यह है कि बाजार में आने वाली महिलाएं और छोटे बच्चों के मुंह तक पर मास्क नजर नहीं आ रहा है। इस कारण खरीदारी के वक्त भीड़भाड़ में संक्रमण फैलने का अंदेशा उत्पन्न हो गया है। यहां बता दें जिले में अब तक कोरोना के 2875 संक्रमित चिंहित किए गए हैं। जिनमें अभी 78 केस पॉजिटिव हैं। जानकार डॉक्टरों का कहना है कि सर्दी के मौसम में कोरोना संक्रमण और बढ़ सकता है।
महामारी के दौर में कोरोना से बचने का एकमात्र तरीका सोशल डिस्टेंस और मुंह पर मास्क लगाकर रखने का है। लेकिन लोगों द्वारा इन दोनों सावधानियों की अनदेखी की जा रही है। जबकि इसके लिए न केवल शासन से गाइड लाइन जारी की गई है, बल्कि प्रशासन द्वारा इसका प्रचार प्रसार भी कराया जा रहा है। इसके बावजूद भी लोग इन दोनों अहम पहलू को दरकिनार कर रहे हैं।
दुकानों और फुटपाथ पर बिना मास्क और बगैर सोशल डिस्टेंस के खरीद फरोख्त हो रही है। इस प्रकार मनमानी किए जाने से कभी भी कोरोना रूपी बम फूट सकता है। क्योंकि शहर में किराना, कपड़ा आदि की दुकानों पर कारोबार तो जमकर चल रहा है। पर सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क दोनों ही नजर नहीं आ रहे हैं। इस प्रकार के हालात सदर बाजार, छोटी बजरिया, स्टेशन रोड, महामाया मंदिर रोड की दुकानों पर ही नहीं फुटपाथ पर चल रहे कारोबार में भी हैं। इन सभी जगह पर लोग ऐसे उठ बैठ रहे हैं जैसे कोरोना काल से पहले उठते- बैठते थे।

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