शहर विकास से जुड़ी योजनाएँ ऐसी होनी चाहिये कि जबलपुर की अलग पहचान बने। जिले में जो भी संसाधन हैं उन्हें देखते हुए चरणबद्ध तरीके से रोडमैप तैयार किया जाये। कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने शुक्रवार को बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि उद्योग, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा के साथ ही विकास की हर गतिविधि को शामिल कर कार्य योजना बनाई जाये। आत्मनिर्भर मप्र के साथ ही जबलपुर को भी आत्मनिर्भर बनाना है। कलेक्टर ने कहा कि रोडमैप ऐसा तैयार हो, जो 30 दिन में पूरा हो सके और कुछ योजनाएँ ऐसी भी बनें जो तीन वर्ष में पूरी हो जायें। उन्होंने कहा कि जबलपुर में ग्रीन मटर, टिम्बर, मिल्क पार्लर से जुड़े बेहतर काम हो सकते हैं। ऐसे कई काम हैं जिन्हें बढ़ावा देकर जबलपुर की ब्रांड इमेज तैयार की जा सकती है।
सुझाव लें और अमल करें
आत्मनिर्भर जबलपुर के लिये लोगों और व्यापारियों से भी सुझाव लिये जायें और इस पर अमल किया जाये। कलेक्टर ने औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन के अंतर्गत रक्षा क्षेत्र, रासायनिक उद्योग, चमड़े एवं गैर चमड़ा उद्योग, बैटरी भंडारण, परिधान और वस्त्र आदि के लिए नए औद्योगिक क्लस्टर चिन्हित कर विकसित करने को कहा।
सहायक संचालक ने दीनदयाल थाली का स्वाद चखा, कहा-वाह
जबलपुर। नगरीय प्रशासन विभाग की सहायक संचालक शिल्पा मालेवार ने शुक्रवार को राजा गोकुलदास धर्मशाला में संचालित दीनदयाल रसोई योजना का निरीक्षण किया। इस मौके पर उन्होंने वहाँ पकाए गए भोजन की गुणवत्ता का परीक्षण किया। उन्होंने भोजन किया और कहा कि खाना बेहतर है। इसके साथ ही उन्होंने कई अन्य योजनाओं का भी निरीक्षण किया और महिलाओं को दिए जा रहे प्रशिक्षण पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने अधारताल में प्रशिक्षणरत हितग्राहियों से चर्चा कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता परखी और स्मार्ट पोर्टल एक्रिडिएशन के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर बैठक आज|आत्मनिर्भर मप्र के रोडमैप के अंतर्गत जिले के आर्थिक विकास, औद्योगिक विकास एवं रोजगार संभावनाओं पर चर्चा के लिये शनिवार को दोपहर 12 बजे कलेक्ट्रेट में बैठक आयोजित की गई है।
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