सोमवार, 30 नवंबर 2020

18 साल पहले बनी पुलिया को दर्शाकर हड़पी राशि, ग्रामीण ने जांच की मांग की

18 साल पहले बनी पुलिया को दर्शाकर हड़पी राशि, ग्रामीण ने जांच की मांग की

जनपद की ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार के नए-नए मामले सामने आ रहे हैं। अभी कुछ दिन पूर्व ग्राम पंचायत केलपुरा, ग्राम पंचायत लमेरा और ग्राम पंचायत चंदेरी में शासकीय योजनाओं में भ्रष्टाचार के मामलों की शिकायत हुई थी।

जिसकी जांच पूर्ण नहीं हो पाई थी कि जनपद की एक और ग्राम पंचायत बनियानी में भी लाखों के भ्रष्टाचार की ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर व सांसद से शिकायत दर्ज कराई गई। जिसमें 18 वर्ष पूर्व महिला स्व सहायता समूह द्वारा घुवाघर नाले पर स्टॉप डेम का निर्माण कार्य कराया गया था।

कोरोना काल में उसी नाले के नाम पर ग्राम पंचायत द्वारा सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक व उपयंत्री की मिलीभगत से 2 लाख 88 हजार से अधिक की निर्माण कार्य बनाकर आहरण कर ली। जो अब राशि का गबन का मामला सुर्खियों में आने पर गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्राम पंचायत बनियानी में वर्ष 2002 - 2003 में स्वा शक्ति परियोजना महिला वित्त विकास निगम के द्वारा 7 समूह गठित किए गए थे।

जिसमें कुश जयंती समूह श्रीराम समूह, हरिजन समूह, अंबेडकर समूह, शिव शंकर समूह, इंदिरा महिला स्व सहायता समूह के द्वारा जनसहयोग से घुवाघर नाले पर एक स्टॉप डेम बनाने का निर्णय लिया गया था और सभी महिलाओं द्वारा मिलकर एक स्टॉप डेम का निर्माण किया था। पूर्ण होने के बाद परियोजना के द्वारा पत्थर एवं सीमेंट के कार्य के लिए 1 लाख रुपए की राशि दी गई थी और उन्हीं के द्वारा पूर्ण कार्य किया गया था।

तलैया का नाम देकर राशि हड़पने का लगाया आरोप

सरपंच सचिव रोजगार सहायक व उपयंत्री द्वारा जोड़तोड़ कर कोरोना काल में घुवाघर नाले को तालाब मरम्मत करवा कर तलैया के नाम पर 2 लाख 88 हजार हड़प लिये। ग्रामीण आसाराम, राजा राम, सिया शरण कुशवाहा ने आरोप लगाया कि वर्ष 2020 में कोरोना काल के समय सरपंच श्रीमती सुदामा असाटी, सचिव व रोजगार सहायक राम भरोसी पाल एवं उपयंत्री विक्रांत चौबे द्वारा मिलीभगत कर पूर्व में बने स्टॉप डेम जो कि महिलाओं के समूह द्वारा घुवाघर नाले पर उसी कार्य को ग्राम पंचायत बनियानी के सरपंच सचिव रोजगार सहायक द्वारा तालाब मरम्मत के नाम पर घुवाघर तलैया का नाम रखकर राशि का गबन कर ली।

पूर्व में किए गए कार्यों की जांच लंबित: फर्जी मास्टर डालकर राशि खर्च बता दिया। जबकि हकीकत में निर्माण कार्य के नाम पर एक भी रुपए का कार्य नहीं किया गया। गौरतलब है कि पूर्व में भी ग्राम पंचायत में अनेक फर्जी कार्य किए गए थे। जिनकी जांच अधिकारियों के पास लंबित है, लेकिन मिलीभगत के चलते ग्राम पंचायत सरपंच सचिव रोजगार सहायक पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस दौरान राजा मोहन बंशकार, मनोज यादव, नाथूराम, कलुआ रजक, रमन यादव ने ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।

मजदूर महानगरों को चले गए हैं, फर्जी मस्टर भरकर दर्शाया

ग्रामीण गोविंद सिंह का कहना है कि रोजगार सहायक द्वारा मजदूरों के जो फर्जी मस्टर भरे गए हैं। उनमें अधिकांश मजदूर दिल्ली जैसे महानगरों में मजदूरी कर रहे हैं और कुछ ऐसे कई मजदूरों के नाम से कार्य करना दर्शाया गया जो कभी मजदूरी ही नहीं करते।

ग्रामीणों द्वारा ग्राम पंचायत बनियानी में तलैया मरम्मत घुवाघर निर्माण के नाम से जो निर्माण कार्य संबंधी राशि का गबन किया गया है। उसकी वरिष्ठ अधिकारियों की कमेटी बनवाकर जांच कराई जाए। दोषी व्यक्तियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।



18 साल पहले बनी पुलिया को दर्शाकर हड़पी राशि, ग्रामीण ने जांच की मांग की
Hundreds of rupees showing the culvert built 18 years ago, the villager demanded an investigation


SHARE THIS

Author:

Etiam at libero iaculis, mollis justo non, blandit augue. Vestibulum sit amet sodales est, a lacinia ex. Suspendisse vel enim sagittis, volutpat sem eget, condimentum sem.

0 coment rios:

Hi friends