शनिवार से प्रारंभ हुए शारदीय नवरात्र मेें ब्लाॅक में कई स्थानों पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। सार्वजनिक दुर्गा मंडलाेें ने शनिवार माता रानी की प्रतिमाएं ले जाकर अपने-अपने मंडलाेें में स्थापित की। स्थापना का क्रम देर रात तक जारी रहा। आमला नगर में आधा सैकड़ा से अधिक स्थानों पर सार्वजनिक रूप से मातारानी की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। स्थापना के साथ ही माता दुर्गा के मंदिरों में माता रानी के जयकारे गूंजने लगे हैं। वहीं आमला ब्लाॅक के सभी प्रमुख मंदिरों में चहल- पहल शुरू हो गई है, जो कोविड -19 के चलते नदारद थी। इधर ग्राम छावल स्थित रेणुकाधाम मंदिर में भी नवरात्र के प्रथम दिन काफी भक्तों ने पहुंचकर पूजा-अर्चना की।
ग्राम जम्बाड़ा स्थित मां शारदा के मंदिर में भी भक्तों का पहुंचना देर रात तक जारी था। ग्राम जम्बाड़ा के ग्रामीणों ने बताया कि ऐसे भक्त जो मैहर मां शारदा के दर्शनों के लिए नहीं जा पाते हैं, वे भक्त ग्राम जम्बाड़ा स्थित मां शारदा के मंदिर आकर दर्शन करते हैं। नवरात्र के पहले दिन से ही मंदिर में भक्तों की चहल- पहल दिखने लगी थी। देर रात तक दुर्गा मंडलाें के सदस्य झांकियों को अंतिम रूप देने में लगे हुए थे।
झांकियों की रूपरेखा भी की तैयार: नगर में नवरात्र के अंतिम दिनों में सप्तमी से कुछ दुर्गा मंडलाें के माध्यम से आकर्षक झांकियां भी सजाते हैं, जिसमें तत्कालीन मुद्दों और घटनाओं को दर्शाया जाता है। ऐसे मंडलाें ने कोविड - 19 को देखते हुए झांकियों की रूपरेखा तैयार की है, ताकि लोग झांकियों के दर्शन भी कर सकें और नियमों का पालन भी हो।
मां भवानी मंदिर में कोविड को लेकर की तैयारियां
वार्ड क्रमांक 7 स्थित मां भवानी का मंदिर भी काफी प्राचीन है, जो भक्त मां बगलामुखी की पूजा अर्चना करने आते हैं वे भक्त मां भवानी के मंदिर परिसर में भी पहुंचकर पूजा अर्चना करते हैं। मंदिर समिति ने कोविड- 19 को के चलते कुछ तैयारियां भी कर रखी हैं।
बगलामुखी मंदिर में जल चढ़ाने पहुंच रहे भक्त
नगर के वार्ड क्रमांक 4 स्थित मां बगलामुखी का मंदिर काफी प्राचीन है। माता मंदिर में नवरात्र के समय भक्ताें की काफी भीड़ रहती है। यह मंदिर हजारों भक्तों की आस्था का केन्द्र है। नवरात्र में मातारानी के भक्त मंदिर पहुंचकर जल अर्पित करते हैं।
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