जगाधरी रोड फोरलेन प्रोजेक्ट में लगातार देरी हो रही है। व्यस्त महेशनगर में अब एक लेन बनाने का कार्य चल रहा है जिसकी रफ्तार बेहद धीमी है। करीब 20 दिन पहले अम्बाला से जगाधरी जाने वाली लेन को उखाड़ा गया था, मगर इसके बाद से निर्माण को लेकर कोई कार्य आगे नहीं बढ़ाया गया है। गोबिंद नगर चौक से लेकर प्रीतनगर में पेट्रोल पंप तक दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। निर्माण एजेंसी ने गोबिंदनगर चाैक से आगे एक लेन को 15 दिन पहले उखाड़ा था, मगर अब तक इसे दोबारा बनाने को लेकर कोई कवायद नहीं की जा रही। इस कारण वाहन चालक केवल एक लेन से ही गुजर रहे हैं।
गोबिंद नगर चौक से प्रीतनगर तक महेशनगर में सबसे ज्यादा ट्रैफिक रहता है और पीक ऑवर में यहां प्रतिदिन जाम लग रहे हैं। एक लेन बंद होने से बब्याल क्षेत्र की ओर रोड का रास्ता भी ब्लॉक पड़ा है। वाहन चालकों काे लंबा चक्कर लगाते हुए महेशनगर थाना रोड से जगाधरी रोड की ओर आना पड़ रहा है। यहां भी जाम लग रहे है। निर्माण एजेंसी द्वारा रोड का हिस्सा खोद कर छोड़ दिया गया है।
इसे दोबारा बनाने के लिए पहले इसे समतल कर रोड़ी-गटका भरा होगा, फिर रोलर से इसे समतल करना होगा। इस कार्य में भी और समय लगना तय है। महेशनगर निवासी राकेश, संजय, विक्रम, मनीष, रवि कुमार व अन्य ने बताया कि उन्हें जगाधरी रोड से बब्याल की ओर जाना होता है, मगर बब्याल रोड पर रास्ता उखड़ा होने के कारण उन्हें महेशनगर थाना रोड से गुजरना पड़ रहा है। कई दिन बाद भी रोड पर काम नहीं किया जा रहा है।
मंत्री विज के आदेशों के बाद भी कार्रवाई नहीं
जून में गृह मंत्री अनिल विज ने शहरी क्षेत्र में रोड निर्माण पूरा करने को लेकर विभिन्न विभागों की संयुक्त बैठक बुलाई थी। निर्माण एजेंसी को जो परेशानियां आ रही थी उस पर गहन चर्चा कर समस्याओं को दूर किया गया था, मगर बावजूद इसके अब भी शहरी क्षेत्र में जगाधरी रोड फोरलेन निर्माण कार्य धीमे चल रहा है।
रोड पर भी गटका-बजरी फैली, धूल से परेशानी
जगाधरी रोड पर शहरी सीमा में कई स्थानों पर रोड का हिस्सा बना दिया गया है, मगर रोड पर गटका, बजरी व मिट्टी फैली हुई है जिससे वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। दोपहिया वाहनों के लिए ज्यादा दिक्कत है। न तो रोड पर मिट्टी को साफ किया जा रहा है न कि फैला हुआ गटका हटाया जा रहा है।
एंट्री बैन के बावजूद भारी वाहन आ-जा रहे
जगाधरी रोड पर वाहनों की एंट्री सुबह 7 से 11 और शाम 4 से 7 बजे तक बैन है, मगर दिन में भी भारी वाहन एंट्री कर रहे हैं। सुबह 11 से शाम 4 बजे तक इन वाहनों की वजह से धूल उड़ती है अाैर महेशनगर में जाम के हालात बन रहे हैं। पूरा दिन काॅमर्शियल भारी वाहनों की एंट्री को तब तक रोके जाने की जरूरत है जब तक रोड की दोनों लेन का निर्माण नहीं हो जाता।
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