सरस्वती नदी के 208 बड़े और 278 घरेलू आउटफाल को निगम की टीम ने बंद कर दिया। इसके बावजूद कुछ स्थानों से गंदा पानी नदी में आ रहा है। इसे पूरी तरह बंद करने के लिए 10 दिन की समय सीमा रखी है। इसके बाद सीवरेज मुक्त नदी का जश्न मनाएंगे।
अपर आयुक्त संदीप सोनी ने बताया अमितेष नगर की पुलिया के पास स्कीम 103 के नाले को ड्रेनेज लाइन में जोड़ दिया गया। इसके बावजूद यहां से लीकेज होकर गंदा पानी नदी में मिल रहा है। ऐसे ही लालबाग के पास और अर्जुनपुरा की मल्टी के पीछे ओवर फ्लो होने से गंदा पानी मिल रहा है। वहीं चंद्रभागा के पास ड्रेनेज का बैक वाटर नदी में आ रहा है। ऐसे मिलाकर कुछ स्थानों से अभी भी गंदा पानी नदी में मिल रहा है। इसे बंद करने के लिए 10 दिन की समय सीमा तय की गई है।
टीम नदी मार्ग पर वीडियोग्राफी कर ढूंढ रही लीकेज
- पूरे 12.4 किमी के स्ट्रेच पर वीडियोग्राफी करवाई जा रही है, ताकि पता चल सके कहीं और तो लीकेज नहीं हो रहा है। इसके साथ ही निगम की टीम लगातार सूखे कचरे को नदी से निकालने में जुटी हुई है। जितने भी लीकेज मिलते जा रहे हैं उन्हें बंद किया जा रहा है।
- निगम की टीम नदी से सूखे कचरे को निकालने में दिन-रात मेहनत कर रही है। इसके कुछ फोटो भी सोशल मीडिया पर डाले जा रहे हैं ताकि लोग समझ सके कि नदी को गंदी करने के बाद उसे साफ करने में कितनी मशक्कत लगती है।
पिछली खिड़की से नाले में फेंका कचरा, 10 हजार रुपए जुर्माना
सरस्वती नदी सफाई के पहले चरण को नगर निगम ने पूरा कर लिया, लेकिन लोगों की नदी में गंदगी फेंकने की आदत अभी तक बनी हुई है। निगम की टीम ने मच्छी बाजार में ऐसे ही एक व्यक्ति को गंदगी डालते हुए पकड़ा और 10 हजार का स्पॉट फाइन वसूला। निगम के हेल्थ ऑफिसर अखिलेश उपाध्याय ने बताया सभी अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री, स्वास्थ्य अधिकारी, जोनल अधिकारियों और सीएसआई को स्पष्ट निर्देश हैं कि नदी में किसी भी प्रकार की गंदगी न रहे।
इसके लिए निगम की टीम द्वारा लगातार सफाई की जा रही है। ऐसे में जोन 2 के सीएसआई संजय घांवरी ने वार्ड 68 के अंतर्गत मच्छी बाजार में नाले में शहनवाज हुसैन को घर की पिछली खिड़की से कचरा फेंकते हुए देख लिया। निगम की टीम ने सख्ती से कार्रवाई करते हुए हुसैन से 10 हजार रुपए का स्पॉट फाइन भी वसूला और घर की पिछली खिड़की पर प्लायवुड ठुकवा दिया।
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