शनिवार को इलाज के अभाव में हुुई महिला वकील की मौत के बाद एक जनहित याचिका हाई कोर्ट में दायर की गई है। इसमें इलाज से इनकार करने वाले अस्पताल और इलाज में कोताही बरतने वाले दूसरे अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने और सभी अस्पतालों को अधिग्रहित किए जाने की मांग याचिका में की गई।
याचिकाकर्ता के वकील अनिल ओझा के मुताबिक सभी अस्पतालों में दूसरी बीमारी के मरीजों को नहीं देखा जा रहा है। अस्पताल भर्ती नहीं करेंगे तो इलाज नहीं मिलेगा। इसी दहशत में लोगों की जान जा रही है। इसलिए प्रशासन को सभी अस्पतालों की व्यवस्था अपने हाथ में लेना चाहिए। आने वाले हर मरीज को कम से कम प्राथमिक उपचार निजी अस्पतालों में मिल जाए, ऐसी व्यवस्था की जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों अधिवक्ता अचला जोशी की इलाज के अभाव में मौत हो गई थी। हार्ट अटैक आने पर लगभग डेढ़ घंटे तक उन्हें इलाज नहीं मिला। एक से दूसरे अस्पताल पहुंचने तक उनकी हालत बहुत गंभीर हो गई थी। आॅक्सीजन सपोर्ट पर लिया जाता तब तक उनकी मौत हो गई।
56 पर लगी भीड़, न सोशल डिस्टेंस रखी और न मास्क पहना, अब होगी कार्रवाई
रविवार का लॉकडाउन खत्म होते ही बड़ी संख्या में 56 दुकान पहुंचे लोगों ने शाम को कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाईं। उन्होंने न सोशल डिस्टेंस का पालन किया न मास्क लगाए। निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने बताया 56 दुकान जैसी स्थिति पूरे शहर में प्रमुख स्थानों पर देखी जा रही है। लोग लगातार नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। इसे देखते हुए निगम अब 125 टीम बनाकर कार्रवाई करेगा। पहले लोगों को अनाउंसमेंट से जागरूक करेंगे। फिर नहीं माने तो बड़े पैमाने पर कार्रवाई की जाएगी।
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