भास्कर की पहल अब रंग लाने लगी है। समाज प्रमुखों द्वारा ही मृत्युभाेज की कुप्रथा काे बंद करने के लिए समाजजन काे जागरूक कर रहे हैं। भास्कर की पहल के बाद जहां अभा क्षत्रिय महासभा ने सर्वप्रथम कदम आगे बढ़ाकर समाज के व्यक्तियों काे जागरूक करना शुरू किया ताे अब बिहार परिषद ने भी माेर्चा संभालकर समाजजनों काे जागरूक करना शुरू कर दिया है।
बिरलाग्राम निवासी सदानंद चाैधरी की हाल ही मृत्यु हाे गई। उनके निवास पर आयाेजित श्रद्धांजलि सभा में परिषद अध्यक्ष राजीवकुमार सिंह सहित अन्य पदाधिकारियाें ने परिवारजन से चर्चा की। इसमें उनसे आग्रह किया कि मृत्युभाेज सामाजिक परंपरा है न कि शास्त्र संगत है। ऐसे में मृत्युभाेज काे बंद करना उचित है और पहल हमें ही करना है। इस पर परिवारजनाें ने शास्त्र संगत कार्यक्रम करने की बात कही। इस दाैरान रवींद्र चौधरी, परामर्श मंडल प्रमुख विनोद गुप्ता, रतन झा, उपाध्यक्ष देवेंद्र पांडेय, समिति सदस्य अर्जुन राय, राजेश इंद्र, राकेश आदि माैजूद थे।
कुप्रथा के खिलाफ समाज : चाैहान परिवार का महासभा ने किया सम्मान, ताकि समाज से कुरीति दूर हो
अभा क्षत्रिय महासभा द्वारा मृत्युभाेज बंद कराने की पहल समाज में शुरू की गई। महासभा ने ऐसे परिवाराें का सम्मान करने का निर्णय लिया है, जाे कुप्रथा के खिलाफ समाज का साथ दे रहे हैं। नगर के गाेविंद चाैहान व रामसिंह की माता स्व. फूलमती चौहान की 3 अगस्त काे मृत्यु हुई थी। महासभा के पदाधिकारियाें ने उन्हें समझाकर कुरीति के विराेध में साथ खड़े हाेने का आह्वान किया था। इस पर परिवार ने मृत्युभाेज नहीं करने का निर्णय लिया।
इसे लेकर शनिवार काे महासभा ने पगड़ी कार्यक्रम में उनका सम्मान किया। इस माैके पर अभा क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भेरूसिंह चौहान, राष्ट्रीय महामंत्री हेमलता तोमर, युवा प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेंद्रसिंह चौहान, धर्मेंद्रसिंह डोडिया आदि माैजूद थे। महासभा अब मृत्युभाेज नहीं करने वाले हर परिवार का सम्मान करेगी, ताकि कुरीति काे समाज खुद ही नकार दे।
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