बारिश के मौसम में भी शहर के लोगों को तीन रात और दो दिन तक पानी नहीं मिला। रविवार को व्यवस्था में सुधार होने पर नियमित जल वितरण किया गया। गुरुवार रात से नेपा लिमिटेड के नावथा ट्रीटमेंट प्लांट के ट्रांसफार्मर की सीटी में खराबी आ गई। इसे शनिवार रात करीब 2 बजे दुरुस्त किया जा सका। नावथा प्लांट से सीटी खोलकर गेस्ट हाउस लाया गया। नेपा लिमिटेड के इलेक्ट्रिकल विभाग ने इसका सुधार किया। रात 2 बजे समस्या का निराकरण होने के बाद रविवार से पानी मिलना शुरू हुआ।
नगर के 24 में से 20 वार्डों में नेपा लिमिटेड के करीब 2000 से अधिक मकान हैं। यहां नल कनेक्शन नेपा लिमिटेड के हैं। जबकि कुछ स्थानों पर नगरपालिका ने सार्वजनिक नल दिए हैं। नावथा प्लांट में गड़बड़ी आने के बाद नगरपालिका के पास मौजूद 3-4 टैंकर से जल वितरण किया। आसपास के गांवों से भी टैंकर बुलाए। इसके बावजूद कुछ वार्डों में पानी नहीं पहुंचा। इससे पहले भी जल प्रदाय की व्यवस्था नेपा लिमिटेड करती रही है। नेपा लिमिटेड के मकानों में अब भी उन्हीं की पाइप लाइन बिछी है। 2016-17 से नगरपालिका के हाथों में पानी वितरण का काम आया। इसे ठेका पद्धति पर दिया गया है लेकिन दोनों के पास व्यवस्थाएं ठीक नहीं हैं।
नगरपालिका द्वारा जल समस्या दूर करने के लिए करीब 34 करोड़ रुपए की पेयजल परियोजना पर काम चल रहा है लेकिन अधिकांश वार्डों में सड़कें खोदने के बाद उन्हें व्यवस्थित नहीं किया जा रहा है। इस कारण लोगों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है। नगर में जल वितरण नहीं होने पर टैंकरों से पानी प्रदाय किया गया लेकिन अधिकांश वार्डों में सड़कें खुदी होने से टैंकर यहां फंस गए।
नगरपालिका द्वारा नगर में टैंकरों के माध्यम से पानी बंटवाया गया लेकिन अधिकांश जगह टैंकर फंस गए। वार्ड 16 में पाइप लाइन बिछाने के लिए खुदाई की गई है। यहां टैंकर फंस गया। कर्मचारियों द्वारा तीसरे दिन इसे यहां से निकाला जा सका। शुक्रवार व शनिवार दिनभर बारिश होती रही। ऐसे में कई जगह कर्मचारियों के साथ विवाद की स्थिति भी बनी।
ये बोले जिम्मेदार
^नावथा प्लांट में खराबी के कारण जल वितरण व्यवस्था प्रभावित हुई। समस्या का निराकरण कर लिया गया है।
-एनआरए खान, कारखाना प्रबंधक, नेपा लिमिटेड
^पानी की समस्या दूर करने के लिए 15 अगस्त के दिन तीनों इंजीनियर्स के साथ बैठक कर वार्डों में टैंकर भेजे गए। इसके बाद नागरिकों की समस्या दूर हुई।
-राजेश मिश्रा, सीएमओ, नगरपालिका, नेपानगर
वीआरएस ले चुके बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान
नेपा लिमिटेड के अधिकांश कर्मचारी वीआरएस ले चुके हैं। कई लोगों के बच्चे अन्य शहरों में पढ़ते हैं। कई बुजुर्ग दो से तीन मंजिला मकानों में रहते हैं। नगर में जल वितरण नहीं होने पर सबसे ज्यादा इन्हीं काे परेशान होना पड़ा। कुछ ने तो आरओ पानी का आर्डर देकर व्यवस्था कर ली लेकिन नहाने और कपड़े धोने सहित अन्य कामों के लिए पानी नहीं मिल पाया। वेलफेयर सेंटर व अन्य वार्डों में शाम तक लोगों को पानी नहीं मिला।
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