स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। प्रदेश शासन द्वारा 30 दिन में 10 बेड का आईसीयू स्थानीय अधिकारियों की अनदेखी से नहीं बन पाया। निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने आए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी कागजी खानापूर्ति कर भोपाल रवाना हो गए।
90 लाख की लागत से बन रहे आईसीयू का निरीक्षण करने आए भोपाल के अधिकारियों के सामने निर्माण काम की गति की पोल खुल गई। स्वास्थ्य विभाग भोपाल के अधीक्षण यंत्री नीरज पांडे ने आईसीयू के प्रवेश द्वार की ऊंचाई पर आपत्ति जताई। उन्होंने काम करने वाले साइट इंचार्ज से कहा इसे कटकर टाइल्स लगाएं। स्लोप अधूरा नहीं, पूरा बनाएं। कोने की जगह भी नहीं छोड़ना क्योंकि, किनारे की जगह पर खाली होने के कारण लोगों के गिरने का डर बना रहता है। विभाग के वरिष्ठ सिविल सलाहकार संजय नेमा ने भी यूनिट की डिजाइन में भी गलियां निकाली। निरीक्षण के बाद अधिकारी शाम को भोपाल रवाना हो गए। निरीक्षण के दौरान एनएचएम की उप-यंत्री विमला खंडाते मौजूद रहीं।
अधूरी वार्ड की फाल
सिलिंग, भोपाल से आएंगे आईसीयू के उपकरण
91 लाख की लागत से फीमेल मेडिकल वार्ड में बन रहे आईसीयू में मरीजों की जीवन रक्षा के लिए आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। इसमें वेंटीलेटर सहित अन्य उपकरण शामिल हैं। फिलहाल अस्पताल में वेंटीलेटरयुक्त अलग से आईसीयू वार्ड नहीं है। आईसीयू के लिए भोपाल से ही टेंडर जारी हुए थे। वार्ड के लिए उपकरण भी भोपाल से ही आएंगे।
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