जच्चाखाना मुरार में संचालित एसएनसीयू पांच दिन बाद गुरुवार को फिर से शुरू हो गया। शनिवार को एक नर्स के पॉजिटिव आ जाने के कारण इसे बंद कर दिया गया था। यहां भर्ती 19 बच्चों में से 8 की हालत गंभीर होने पर उन्हें केआरएच के एसएनसीयू के लिए रैफर कर दिया गया था।
सिविल सर्जन डॉ. डीके शर्मा के आदेश पर मदर वार्ड को एसएनसीयू में तब्दील कर दिया गया था तथा प्राइवेट से आने वाले नवजात शिशुओं की एडमिट करना बंद कर दिया था। इस एसएनसीयू में कार्यरत कुल पांच नर्सें और एक डॉक्टर संक्रमित निकले थे। एसएनसीयू को बंद करा कर उसे वायरस रहित करने के लिए दवाओं के छिड़काव के साथ-साथ सेनिटाइज भी कराया गया था।
स्टाफ की कमी को देखते हुए सिविल सर्जन ने सीएमएचओ डॉ. वीके गुप्ता ने दूसरे अस्पतालों से दो डॉक्टर यहां वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर भेजे। इसके बाद गुरुवार को दोपहर 1 बजे एसएनसीयू को शुरू कर दिया गया। दोपहर 3 बजे तक यहां पांच नवजात शिशु भर्ती हो गए थे। अब यहां जच्चाखाना मुरार के साथ-साथ प्राइवेट में जन्में गंभीर नवजात शिशु भी भर्ती हो सकेंगे। इन नवजात शिशुओं को अब केआरएच के एसएनसीयू नहीं भेजना पड़ेगा।
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