शहर की प्यास बुझाने वाला राजघाट शुक्रवार को ओवरफ्लो हो गया है। बारिश से बांध का पानी आपने ओवरफ्लो प्वाइंट 515.0 मीटर से ऊपर पहुंच कर चितौरा एनीकट की ओर बहने लगा है। एनीकट की ओर जो वाटरफॉल (झरना) बहता था वो भी शुरू हो गया है। उधर राजघाट के ओवरफ्लो होते ही शहर ने भी राहत की सांस ली। दरअसल, इस बार कम बारिश होने के कारण बांध का जल स्तर को अपने ओवरफ्लो प्वाइंटतक पहुंचने में 22 दिन लग गए। जबकि वर्ष 2019 में बांध 31 जुलाई को ही ओवरफ्लो हो गया था।
गुरुवार और शुक्रवार को जैसीनगर की ओर अच्छी बारिश हुई। इसके चलते बेबस नदी की चैनल से आने वाला पानी बांध के कैचमेंट एरिया में जमा होने लगा। सुबह 11 बजे तक बांध का जल स्तर ओवरफ्लो से करीब 20 सेमी. कम था, जो धीरे-धीरे बढ़ने लगा। शाम 4.15 बजे बांध से पानी चितौरा एनीकट की ओर से बह निकला और कुछ ही देर में एनीकट की ओर का वाटरफॉल भी शुरू हो गया।
22 दिन में बढ़ा 4.3 मीटर पानी : पिछले साल 31 जुलाई को बांध का जलस्तर 515.0 मीटर (ओवरफ्लो) था। जबकि इस बार 31 जुलाई को जलस्तर 510.70 मीटर पर था। यानी बांध के जल स्तर को बढ़ने में 22 दिन लग गए। इसमें भी 2.5 मीटर पानी पिछले 5 दिनों में बढ़ा है।
9 घंटे में 1.9 इंच बारिश, अभी तक 19 इंच बारिश फिर भी औसत से 12 इंच अभी भी कम
शुक्रवार को झमाझम बारिश का सुबह से देर शाम तक जारी रहा। सुबह 8.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक ( 9 घंटे में) में ही 48.8 मिमी (1.9 इंच) बारिश हो गई। यह औसत बारिश से 12 इंच कम है। इस दौरान कटरा बाजार समेत अप्सरा टॉकीज के पास स्थित अंडरब्रिज के यहां पानी भर गया। हालांकि बारिश के थमते ही स्थिति सामान्य हो गई। बारिश ने मौसम में ठंडक घोल दी है। गुरुवार को जो पारा 31 डिग्री पर था। वह शुक्रवार को 6 डिग्री लुढ़ककर 25 डिग्री हो गया। मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी की ओर कम दबाव क्षेत्र बना हुआ है। वहीं नमी का प्रतिशत भी ज्यादा है।
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