भेल क्षेत्र के जेके रोड को मॉडल रोड बनाने की योजना पर फिलहाल एक निर्माणकर्ता एजेंसी ने ब्रेक लगा दिया है। इसके चलते अंतिम चरण के दूसरे लेन पर पैविंग ब्लॉक लगाने और सौंदर्यीकरण का काम आठ माह से अटका हुआ है। इस काम के लिए निगम ने दो करोड़ से ज्यादा राशि की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली थी, लेकिन दूसरी एजेंसी के दखल के चलते निगम अब टेंडर निरस्त करने की तैयारी कर रहा है।
पांच साल में 12 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि खर्च होने के बाद भी जेके रोड पूरी तरह से मॉडल रोड नहीं बन पाया। जिस लेन को दूसरी निर्माण एजेंसी अपना बता रही है, उस पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। अब तक फुटपाथ भी नहीं बने हैं और कई बिजली के पोल शिफ्ट होना हैं। इस रोड के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन 2011 में तत्कालीन महापौर ने किया था। तीन किमी लंबे रोड का सीधा जुड़ाव अयोध्या बायपास, जेके रोड, गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया सहित आसपास की तीन दर्जन से ज्यादा कॉलोनियों से है।
2 करोड़ 13 लाख के प्रस्ताव को निगम से मंजूरी मिली
जेके रोड के जोन-15 में आने वाले लेन पर सौंदर्यीकरण और अन्य अधूरे कामों के लिए दो करोड़ 13 लाख रुपए का प्रस्ताव निगम मुख्यालय भेजा गया था। इसे न सिर्फ मंजूरी मिली, बल्कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद काम शुरू होना था। इसके पहले ही एक निर्माण एजेंसी ने उक्त लेन को अपना बताते हुए काम रुकवा दिया।
जोन- 16 में आने वाली एक लेन पर खर्च राशि
- 2016 में मुख्यमंत्री अधोसंरचना से 30 लाख रुपए
- 2017 में पार्षद निधि से 30 लाख रुपए
- 2018 में पार्षद निधि से 30 लाख रुपए, 2018 में मुख्यालय निधि से एक करोड़ रुपए
- 1350 मीटर लंबे रोड पर डामर और 170 मीटर रोड पर सीमेंट-कांक्रीट का कार्य 1 करोड़ 90 लाख रुपए में हुआ।
जेके रोड पर जिस लेन का काम अधूरा है उसके लिए निगम ने राशि मंजूर की थी। काम शुरू होना था। उससे पहले ही पीडब्ल्यूडी ने रोड पर अपना अधिकार बताया। जेके रोड पर अधूरे काम वही एजेंसी करेगी। इसलिए काम रुका हुआ है। अब तक रोड पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुकी होती। -सुरेश कुमार राजेश, एई, जोन-15, नगर निगम
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