गुरुवार, 18 जून 2020

मोटर बंद होने से ग्रामीण पानी के लिए हो रहे हैं परेशान


ग्राम पंचायत की लापरवाही से गांव में पेयजल समस्या खड़ी हो गई है। यहां नल-जल योजना के तहत लगी मोटर को जले दस दिन से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन मोटर बंद है। इससे पानी को लेकर ग्रामीणजन इधर-उधर खेतों में भटक रहे हैं।
लोकेंद्र पाटीदार ने बताया कि अगर पंचायत जवाबदारी समझ कर गांव में पेयजल वितरण करती तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। घनश्यामसिंह जाधव ने बताया कि गांव वालों ने मजबूर होकर घर नलकूप खुदवाए। ग्रामीणों ने एक माह में 70 नलकूप खुदवाए इनमें से 40 चल रहे हैं शेष बंद हो गए हैं।
मोटर रिपेयर के लिए मंगाई
सचिव गोविंद कटारिया ने बताया दोनों मोटर जल गई है। मोटर निकाल कर रिपेयर करवाते हैं।

बारिश करीब है इसके बावजूद ग्रामीण पानी के लिए परेशान हो रहे हैं।


17 दिन में 7.13 रुपए महंगा हुआ डीजल, जरूरी वस्तुओं का परिवहन हो रहा महंगा, शकर सहित अन्य आवश्यक वस्तुएं महंगी होने लगी

लॉकडाउन के बाद बाजार खुलने और लगातार बढ़ते डीजल के भाव के कारण ट्रांसपोर्टरों ने भाड़ा डेढ़ से दोगुना तक बढ़ा दिया है। इसका असर जरूरी वस्तुओं के परिवहन पर शुरू हो गया है और शकर सहित अन्य जरूरी वस्तुओं के भाव बढ़ना शुरू हो गए हैं। ऐसे में आगामी दिनों में अन्य वस्तुएं भी आपको महंगी ही मिलेंगी।
1 जून को डीजल के भाव 68.17 रुपए रुपए प्रति लीटर थे। बुधवार को इसके भाव 75.30 रुपए लीटर हो गए। यानी 17 दिन में डीजल 7.13 रुपए महंगा हो गया है। वहीं लॉकडाउन के बाद बाजार खुल गए हैं। ऐसे में डीजल के भाव में बढ़ोतरी के साथ ही परिवहन भी महंगा हो गया है। शहर में किराना सामान की सप्लाई इंदौर और महाराष्ट्र से होती है। भाड़ा बढ़ाने से शकर सहित जरूरी वस्तुओं के दाम पर असर होना शुरू हो गया है।
जरूरी वस्तु और उनके भाड़े में हुई बढ़ोतरी
  • शकर : शहर में शकर महाराष्ट्र के शहरों से आती थी। पहले प्रति क्विंटल 100 रुपए भाड़ा लगता था। अब 190 प्रति क्विंटल लग रहा है। इससे शकर में 100 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी आ गई है। इससे थोक में 3350 रुपए प्रति क्विंटल में बिकने वाली शकर अब 3450 रुपए प्रति क्विंटल बिक रही है। यानी शकर में एक रुपए प्रतिकिलो की तेजी आ गई है।
  • दालें- दालें इंदौर से आती हैं। पहले 100 रुपए प्रति क्विंटल भाड़ा था। अब 130 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है। इससे दालों के दाम में भी एक रुपए प्रतिकिलो की तेजी आ गई है।
  • ड्रायफ्रूट- ड्रायफ्रूट की सप्लाई इंदौर से होती है। पहले 150 रुपए प्रति बोरी भाड़ा था। अब 200 रुपए प्रति बोरी हो गया है। इससे सभी तरह के ड्रायफ्रूट में तेजी आना शुरू हो गई है।
  • डिस्पोजल- इंदौर से डिस्पोजल की सप्लाई होती है। पहले 60 रुपए के दागिने के लगते थे। अब 90 रुपए दागिने के लग रहे हैं।
ट्रांसपोर्टरों ने डेढ़ से दोगुना तक भाड़ा बढ़ा दिया है
थोक किराना व्यापारी संघ के सचिव संजय पारख ने बताया लॉकडाउन के बाद और डीजल के भाव में बढ़ोतरी से ट्रांसपोर्टरों ने भाड़ा डेढ़ से दोगुना तक बढ़ा दिया है। शहर में ज्यादातर सामान की आपूर्ति इंदौर से होती है। भाड़ा बढ़ने से इसका असर जरूरी वस्तुओं पर होना शुरू हो गया है। यदि डीजल के रेट और बढ़े तो जरूरी सामान का परिवहन और महंगा हो जाएगा और आगे महंगाई बढ़ना तय है।
इधर मैजिक का किराया बढ़ाने की तैयारी : मैजिक यूनियन ने जिला परिवहन अधिकारी से किराया बढ़ाने की मांग की है। यूनियन के राजकुमार जैन लाला ने बताया कोरोना संक्रमण के चलते जिला प्रशासन ने पहले ही 6 सवारी बैठाने की छूट दी है। वहीं रेल और बसें बंद हैं। ऊपर से डीजल के भाव लगातार बढ़ रहे हैं। इससे मैजिक का परिवहन महंगा पड़ रहा है। छह साल से किराया नहीं बढ़ा। ऊपर से डीजल ने हमें मार दिया है।
बस किराया बढ़ाने की मांग करेंगे : मैजिक के साथ ही बस मालिक भी किराया बढ़ाने की तैयारी में है। रतलाम जिला बस एसोसिएशन के अध्यक्ष सुबेंद्रसिंह गुर्जर ने बताया अभी तो बसें बंद हैं लेकिन यदि बसें चालू होती हैं तो किराया भी बढ़ाना पड़ेगा। क्योंकि एक रुपए प्रति किमी किराए में अब परिवहन संभव नहीं होगा। इससे हम किराया बढ़ाकर 1.50 रुपए प्रति किमी की मांग करेंगे।


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