जिले में जून के 16 दिनों में 47 कोरोना पॉजिटिव मरीज आ चुके है, यहां अब तक 60 मरीज पॉजिटिव पाए गए है। इसके साथ ही 1350 लोगों के सैंपल लिए जा चुके है। इसके अनुसार रिपोर्ट में हर 49वां व्यक्ति कोरोना संक्रमित मिल रहा है। कोरोना संक्रमण के फैलने के साथ ही सैंपलिंग की रफ्तार अन्य जिलों की तुलना में फिलहाल काफी कम है, यहां पड़ोसी जिलो में हजारों की संख्या में सैंपल हो चुके है।
अनलॉक-1 के साथ जून में अब तक 46 कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आ चुके है। इस तरह से कुल 60 मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके साथ ही जिलेभर में 1350 सैंपल लिए जा चुके हैं। इसके मुताबिक यहां सैंपलों के रिकॉर्ड देखे तो हर 49वां मरीज कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। यहां मंगलवार को जिला अस्पताल में 6 सैंपल चूड़ी बाजार के संक्रमित पाए गए अनंत आनंद के परिजन के लिए गए। जबकि 7 सैंपल जिला अस्पताल स्टाफ सहित अन्य के। इन सैंपलों की जांच भी लैब में ही की जा रही है। इसमें 6 सैंपलों की रिपोर्ट तो देर रात 9 बजे निगेटिव आ गई थी। इसमें 15 जून को संक्रमित पाए गए अनंत आनंद की 5 साल की बेटी भी कोरोना पॉजिटिव पाई गई। जिले में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के चलते यहां सैंपलिंग में तेजी तो आई, लेकिन अब इसमें गिरावट आ रही है। पड़ोसी जिले शिवपुरी में जहां 2388 सैंपल लिए जा चुके है, वहीं श्योपुर में अब तक सिर्फ 1350 सैंपल हुए हैं और पॉजिटिव मरीजों की संख्या 60 पर पहुंच गई है। इसमें 35 एक्टिव केस है।
15 जून को संक्रमित मिले युवक की बेटी भी मिली संक्रमित जिला अस्पताल में हुए सैंपलों की जांच अस्पताल की लैब में ही की गई है। इसमें 13 सैंपलों में से 12 की जांच तो निगेटिव पाई गई। जबकि एक सैंपल पॉजिटिव मिला। उक्त सैंपल 15 जून को कोरोना संक्रमित पाए गए चूड़ी बाजार निवासी अनंत आनंद के परिवार के सभी लोगों के सैंपल लिए गए। इनमें 6 परिजन के सैंपल में 5 तो निगेटिव रहें, वहीं उसकी 5 साल की बेटी प्रेरणा शर्मा की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जिला अस्पताल की लैब में की गई जांच में यह पहली रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
स्वसहायता समूह की महिलाएं बना रही मास्क और पीपीई किट
जिले के विभिन्न स्वसहायता समूह वर्तमान में कोरोना से लड़ने में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। इन समूहों से जुड़ी महिलाएं घर के कामकाज के साथ कोरोना वॉरियर्स तथा आमजन के लिए मास्क और पीपीई किट भी बना रही हैं। इससे जहां मास्क और पीपीई किट की पर्याप्त संख्या में आपूर्ति हो रही है, वहीं दूसरी समूह की महिलाओं ने आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ा लिया है। अब हमें रेडीमेड मास्क और पीपीई किट के लिए किसी फैक्टरी पर निर्भर नहीं होना पड़ रहा। बस केवल इन समूहों को किट बनाने का रॉ मटेरियल उपलब्ध कराया जाता है और काफी कम समय में मास्क और पीपीई किट बनकर तैयार हो जाते हैं। उज्जैन जिले में विभिन्न स्वसहायता समूहों द्वारा अब तक 174765 मास्क और 6334 पीपीई किट निर्मित किए जा चुके हैं।
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