बड़ामलहरा घुवारा सड़क मार्ग पर पिटुआ बहैरे के पास टैक्सी पलटने से उसके नीचे दबने से युवक की इलाज के अभाव में मौत हो गई। टैक्सी पलटने के बाद लोगों ने उसे उठाया, टैक्सी चालक घायल हालत में युवक को घटना स्थल पर छोड़ कर भाग गया था। जिससे इलाज के अभाव में उसने दम तोड़ दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ग्राम पटपुरा निवासी मृतक की 75 वर्षीय मां लल्ला बाई ने बताया कि उसके लड़के राकेश पिता किशना अहिरवार 30 वर्ष को सोमवार की दोपहर 12 बजे सेंधपा निवासी सुनील पिता कंछेदी अहिरवार शराब टैक्सी में लेकर बड़ामलहरा आया था। टैक्सी चालक शराब के नशे में था, मेरा बेटा राकेश भी नशे की हालत में था। मेरे मना करने के बावजूद टैक्सी चालक राकेश को अपने साथ ले गया, राकेश ने मुझसे जबरन 500 रुपए भी ले लिए। दोनों बड़ामलहरा चले गए थे। आज मंगलवार की सुबह वृद्धा को अपने बेटे की मौत की खबर मिली।
प्रत्यक्षदशियों के अनुसार सोमवार की दोपहर ढाई बजे टैक्सी सेंधपा की ओर जाते समय पलट गई थी। टैक्सी में चालक सुनील व राकेश मौजूद था। टैक्सी पलटने से राकेश उसके नीचे दब गया, मौके पर मौजूद कलू कुशवाहा, राकेश कुशवाहा व अन्य 3 लोगों ने टैक्सी को सीधा किया। जिससे राकेश घायल अवस्था में उठकर छाया में बैठ गया और फिर बेहोश हो गया। टैक्सी चालक ने राकेश की जेब से रुपए निकाले और उसे घायल अवस्था में छोड़ कर टैक्सी लेकर बड़ामलहरा की ओर निकल गया था। राकेश को कुछ देर बाद होश और वह उठकर सड़क किनारे खेतों की ओर चला गया।
एंबुलेंस पहुंची, पर सूचना वाले स्थान पर नहीं मिला घायल: मंगलवार सुबह करीब 6-7 बजे बच्चों ने उसे सड़क किनारे खेत पर पड़े देखा। उन्होंने आकर अपने परिजनों को बताया। उसकी धड़कन चलने पर कुछ लोगों ने 108 एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना देने के बाद वह अपने अपने काम से निकल गए। जब कुछ देर बाद एंबुलेंस पहुंची तो वहां पर घायल युवक नहीं मिला। जिससे वह वापस लौट गई। कुछ देर बाद राकेश का शव खेतों में पड़ा मिला।
सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंची, पंचनामा बनाकर शव को पीएम के बाद मां को सौंप दिया। पुलिस ने आरोपी टैक्सी चालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
सरपंच के फर्जी हस्ताक्षर करने वाले पूर्व सरपंच पर केस दर्ज
जिला पंचायत कार्यालय में धारा 92 के तहत वसूली के प्रकरण में ग्राम पंचायत गिंदोरा के सरपंच की जगह पूर्व सरपंच ने पहुंचकर हस्ताक्षर कर दिए। मामले में शिकायत की जांच के बाद यह मामला सही पाया गया। पूर्व सरपंच युधिष्ठिर सिंह रघुवंशी के खिलाफ सिटी कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामला विवेचना में ले लिया है।
जानकारी के मुताबिक जिला पंचायत कार्यालय शिवपुरी में ग्राम पंचायत गिंदोरा के सरपंच मोहब्बत सिंह आदिवासी और पूर्व सचिव सुरेश धाकड़ के खिलाफ धारा 92 के तहत वसूली का प्रकरण प्रचलित है। बताया जा रहा है कि 13 अगस्त 2019 काे जिला पंचायत कार्यालय में सरपंच मोहब्बत सिंह की जगह पूर्व सरपंच युधिष्ठिर सिंह रघुवंशी पहुंचा और ऑर्डर सीट पर हस्ताक्षर कर दिए। मामले की शिकायत कर देने के बाद मामले की जांच कराई गई। वर्तमान सरपंच मोहब्बत सिंह आदिवासी को बुलवाया गया। मामला सही पाए जाने पर पूर्व सरपंच युधिष्ठिर सिंह रघुवंशी के खिलाफ सिटी कोतवाली पुलिस ने धारा 419, 467, 468 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। बताया जा रहा है कि आदिवासी सरपंच की आड़ में संबंधित पूर्व सरपंच द्वारा सरकारी योजनाओं के तहत काम कराए गए हैं।
रोते हुए मिला बच्चा, पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिये दो घंटे में परिजन से मिलाया
राऊ में लावारिस हालत में मिले एक बच्चे को पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए दो घंटे में उसके माता-पिता से मिलवा दिया। बच्चे को लावारिस हालत में रोता बिलखता देख एक व्यक्ति राऊ थाने छोड़ गया था। राऊ पुलिस के अनुसार, बच्चा ग्राम सनावदिया (देवगुराड़िया) का रहने वाला था। वह न जाने कैसे राऊ तक आ गया। वह अपने घर का ठीक से पता नहीं बता पा रहा था।
थाने के स्टाफ ने उसे चाय-नाश्ता कराया। फिर फोटो लेकर फेसबुक और वाट्सएप पर वायरल किए। बातचीत में उससे देवगुराड़िया इलाके की जानकारी लगी तो पुलिस ने वहां के सरपंच व कोटवार से संपर्क किया और इलाके में उसे ले जाकर परिजन को तलाश लिया। बच्चा मिलने के बाद परिवार ने पुलिस का आभार जताया और बच्चे को अकेले नहीं निकलने की समझाइश दी।
पत्नी को कुएं में धकेला, खुद भी कूदा, दोनों की मौत
नयाखेड़ा गांव में पति-पत्नी की कुएं में गिरने से मौत हो गई। पूछताछ से सामने आया कि कुएं के नजदीक से गुजरते वक्त पति ने अचानक पत्नी को धक्का मारकर कुएं में गिराने की कोशिश की। लेकिन पत्नी संभल गई। दूसरी बार दोनों गुत्थम-गुत्था हो गई और दोनों कुएं में गिर गए। कुएं में गिरने से दोनों की मौत हो गई है।
भौंती थाना टीआई सुधीरसिंह कुशवाह ने बताया कि संजीव लोधी और क्रांति लोधी की कुएं में गिरने से मौत हो गई। परिवार के संग खेतों पर घर बनाकर रहते थे। गांव में मौजूद मंदिर पर कथा व पूजा पाठक कराकर वापस घर लौट रहे थे। पूछताछ में पता चला है कि संजीव लोधी की मानसिक हालत ठीक नहीं है। कई साल से उसका इलाज भी चल रहा है। जैसे ही कुआं नजदीक आया संजीव ने पत्नी क्रांति को धक्का दिया। लेकिन क्रांति संभलकर बच गई। दूसरी बार पति-पत्नी आपस में उलझ गए और एक साथ कुएं में जा गिरे जिससे दोनों की मौत हो गई है। इससे पहले भी संजीव लोधी ने अपनी पत्नी क्रांति लोधी के सिर में हासिया दे मारा था। तब उसके खिलाफ धारा 324 का मुकदमा दर्ज हुआ था। इससे पहले भी धारा 151 के तहत गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने फिलहाल मामला विवेचना में ले लिया है।
0 coment rios:
Hi friends