राजधानी में ऑड-ईवन के साथ मार्केट की दुकानें और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पब्लिक ट्रांसपोर्ट खोलने का रास्ता साफ हो गया है। वहीं, कंस्ट्रक्शन साइट पर काम भी शुरू हो सकता है। हालांकि दिल्ली मेट्रो 31 मई तक नहीं चलेगी। इसका लेकर सोमवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल लॉकडाउन 4.0 में मिलने वाली छूट की घोषणा करेंगे। बता दें केंद्र सरकार ने पूरे देश में लॉकडाउन 4.0 को 18 मई से 31 मई तक बढ़ाने के आदेश जारी किए है। इसमें केंद्र ने राज्यों को कोरोना के केस के अनुसार अपने यहां रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन तय करने का अधिकार राज्यों को दे दिया है। अरविंद केजरीवाल पहले ही कंटेनमेंट जोन को छोड़कर बाकी दिल्ली को ग्रीन मानकर मार्केट खोलने की छूट देने की केंद्र से मांग कर चुके हैं।
केंद्र के दिशा-निर्देशों पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्विटर कर कहा कि केंद्र के दिशा निर्देश अधिकतर दिल्ली की जनता के सुझाव पर बने केंद्र को भेजे प्रस्ताव के अनुसार है। अब लॉकडाउन के प्रतिबंधों में कुछ हद तक छूट देने का समय है। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार केंद्र के दिशानिर्देशों के आधार पर दिल्ली के लिए विस्तृत योजना तैयार करेगी और सोमवार उनकी घोषणा करेगी। बता दें दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को जनता के 5.25 लाख जनता से मिले सुझाव पर प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजा था। ई-कॉमर्स कंपनियों को भी सरकार इजाजत दे सकती है।
- मार्केट: केंद्र सरकार की गाइडलाइन में मार्केट का कही जिक्र नहीं है। ऐसे में सरकार एक तिहाई मार्केट या ऑड-ईवन अनुसार दुकानों को खोल सकती है। जहां सोशल डिस्टेंसिंग समेत संक्रमण रोकने के उपाय का पालन के सख्त प्रावधान किए जा सकते है।
- ट्रांसपोर्ट: केंद्र की गाइडलाइन में मेट्रो को छोड़कर राज्य के अंदर पब्लिक ट्रांसपोर्ट का भी जिक्र नहीं है। दिल्ली सरकार पब्लिक ट्रांसपोर्ट शर्तों के साथ शुरू करने कह चुकी है। इसमें बस में 20 यात्री और दो मार्शल तैनात करने, जो अंदर सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करेंगे। दिल्ली सरकार ने ऑटो और कैब को भी शर्तों के साथ अनुमति देने की बात कही है। दोनों राज्यों के बीच बस चलाने की अनुमति है,लेकिन इसमें राज्यों की सहमति अनिवार्य होगी।
- कंस्ट्रक्शन वर्क: केंद्र ने पिछली बार दिशा-निर्देशों में इन सीटू वर्क को अनुमति दी थी। इस बार कंस्ट्रक्शन वर्क को लेकर कुछ नहीं लिखा है। ऐसे में सरकार दूसरी जगह से मजदूर के कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करने की भी अनुमति जारी कर सकती है।
अस्पतालों की इमरजेंसी में आने वाले गंभीर रूप से बीमार मरीजों का इलाज करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को पीपीई किट पहननी होगी। इसके अलावा यह किट एंबुलेंस कर्मचारियों को भी पहननी होगी। इस संबंध में दिल्ली सरकार की ओर से आदेश जारी किया गया है। यह आदेश केंद्र सरकार की गाइडलाइन आने के बाद आने के बाद जारी किए गए हैं। गाइडलाइंस के मुताबिक अस्पताल के अलग-अलग विभागों जैसे आउट पेशेंट डिपार्टमेंट, इन-पेशेंट डिपार्टमेंट, इमरजेंसी डिपार्टमेंट, अन्य सहायक विभाग और एम्बुलेंस सर्विस के अंतर्गत आने वाले वार्डों और सुविधाओं को लो रिस्क, माइल्ड रिस्क, मॉडरेट रिस्क और हाई रिस्क की श्रेणी में बांटा गया है।
अस्पतालों के हेल्पडेस्क, रजिस्ट्रेशन काउंटर, डॉक्टरों के कमरे, शव पैकिंग वार्ड, सैनिटेशन, अन्य सपोर्टिव सर्विस जैसे किचन, दवा बांटना, इंजीनियरिंग आदि को लो रिस्क और माइल्ड रिस्क वाले स्थान की श्रेणी में रखा गया है। इस श्रेणी में काम करने वाले हेल्थकेयर वर्करों को थ्री लेयर मास्क, लेटेक्स एग्जामिनेशन ग्लव्स पहनने होंगे और सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर रखनी होगी। आउट पेशेंट डिपार्टमेंट की श्रेणी में आने वाले डेंटिस्ट, ईएनटी डॉक्टर, आंख के डॉक्टर, और एनेस्थेटिस्ट को मध्यम यानि मॉडरेट रिस्क की श्रेणी में रखा गया है और इन्हें एन-95 मास्क, चश्मा, लेटेक्स ग्लव्स और फेस शील्ड पहनने का निर्देश दिया गया है।
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