(आनंद पवार)दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की दो एलआईजी फ्लैट को जोड़े में खरीदने की 500 पेयर योजना में लोगों का रिस्पांस अच्छा नहीं है। पांच महीने बाद भी योजना में मात्र 35 पेयर फ्लैट के लिए आवेदन मिले है। बता दें नरेला में ऑनलाइन आवासीय योजना-2019 में बड़ी संख्या मे एलआईजी फ्लैट सरेंडर कर दिए थे। इसका कारण फ्लैट का साइज छोटा होना बताया गया था। इसके बाद डीडीए ने 1 हजार फ्लैट की 500 पेयर योजना 6 दिसंबर 2019 को लॉन्च की थी।
नरेला से दिल्ली आने को सार्वजनिक परिवहन सुविधा न के बराबर, रोजमर्रा के सामान की दुकानें भी दूर
यह ऑनलाइन योजना पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर लांच की गई। इसमें अब तक सिर्फ 35 लोगों ने ही आवेदन किया है। इसलिए नहीं आ रहे लोग- नरेला के ही आवासीय योजना में फ्लैट लेने वाले एक आवंटी संजय सैनी ने बताया कि योजना में लोगों की दिलचस्पी नहीं होने कारण नरेला के विकास की धीमी रफ्तार को बताया। नरेला से दिल्ली आने के लिए सार्वजनिक परिवहन सुविधा ना के बराबर है। फ्लैट की जगह से मार्केट और रोजमर्रा के सामान की दुकानें भी दूर है। वहीं, रात में सड़क पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था का अभाव होना है।
फ्लैट में धीमे रिस्पांस का कारण लॉकडाउन
डीडीए के एक अधिकारी ने कहा कि इस दिशा में काम हो रहे है। डीडीए नरेला को विकसित करने के लिए प्लानिंग के अनुसार योजना ला रहा है। उन्होंने फ्लैट में धीमे रिस्पांस के लिए कोरोना के संक्रमण को रोकने मार्च माह से लगे लॉकडाउन को भी कारण बताया।
यह है योजना:
नरेला के सेक्टर जी-7, पॉकेट 4 के ई और एफ ब्लॉक के 1 हजार एलआईजी फ्लैट को 500 पेयर में बेचने की योजना डीडीए लेकर आया। इन फ्लैट का साइज प्रत्येक का 49.90 वर्ग मीटर है। इस तरह दो फ्लैट का साइज 99.80 वर्ग मीटर है। दोनों पेयर फ्लैट की कीमत करीब 44.78 लाखा रुपए है। इन फ्लैटों को जोड़ने का प्लान डीडीए देगा, जिसका खर्चा आवंटी को ही देना होगा।
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