रविवार, 10 मई 2020

मंडी में पर्याप्त उठान न होने से 10 दिन में तीसरी बार रोकी गेहूं की सरकारी खरीद


पिछले 24 दिनों से अनाज मंडी में अनाज की सरकारी खरीद चल रही हैं लेकिन लॉकडाउन के चलते मंडियों में मजदूरों की कमी पूरी नहीं हो पा रही है। इससे मंडियों में गेहूं व सरसों का उठान कार्य प्रभावित हैं वहीं गोदामों में अनलोडिंग कार्य समय पर न नहीं हो पा रहा है। भिवानी अनाज मंडी में अब भी गेहूं व सरसों से भरे लगभग एक लाख बैग रखे हुए हैं। इसके चलते दस दिन में तीसरी बार शनिवार को अनाज मंडी में गेहूं की खरीद को बंद करना पड़ा है। अब सोमवार को ही भिवानी अनाज मंडी में गेहूं की सरकारी खरीद हो पाएगी। जिले में अभी तक एक लाख 25 हजार 765 मीट्रिक टन गेहूं व 89 हजार 630 मीट्रिक टन सरसों की खरीद हो चुकी है। जिले में सरसों की सरकारी खरीद 15 से व गेहूं की 20 अप्रैल से शुरू हुई थी। अकेले भिवानी अनाज मंडी व अतिरिक्त चारा मंडी में लगभग पांच हजार प्रवासी मजदूर काम के लिए पहुंचते है। इस बार कोरोना महामारी के कारण लाॅकडाउन लगने से कुछ प्रवासी वापस लौट गए और बिहार, उत्तरप्रदेश व राजस्थान से फसली सीजन में आने वाले अधिकतर मजदूर नहीं आए। ऐसे हालातों मंडियों में भराई के साथ लोडिंग व अनलोडिंग का कार्य भी बाधित हो गया।
समय पर नहीं हो रहा उठान
अनाज मंडियों में मजदूरों की कमी से समय पर उठान न होने से किसानों को मंडियों में अनाज डालने के लिए जगह नहीं मिल रही हैं। इसके चलते शनिवार को भिवानी अनाज मंडी में गेहूं की सरकारी खरीद नहीं हुई। इससे पहले भी दो बार गेहूं की खरीद को रोका जा चुका है।
दो प्वाइंट पर हो रहा काम
अनाज मंडी में केवल दो प्वाइंट पर ही गेहूं व सरसों की लोडिंग हो रही है। इसी तरह से मजदूरों की कमी से गोदामों में भी दो प्वाइंट पर अनलोडिंग का कार्य चल रहा है। दो ट्रक से प्रतिदिन केवल छह से सात हजार बैग का ही उठान हो पा रहा हैं।
कोरोना कंटेनमेंट जोन में भी गेहूं व सरसों की खरीद शुरू
जिन गांवों में कोरोना पॉजिटिव केस मिले थे उन गांवों के तीन किलो मीटर के क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया था। ऐसे क्षेत्रों से अनाज की खरीद पर भी रोका लगा दी गई थी। इसके तहत जिले के गांव मानहेरू व गांव संडवा के आसपास के क्षेत्रों को कंटेनमेंट घोषित किया गया था। क्योंकि उक्त दोनों गांवों में एक-एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। हालांकि दोनों मरीज कोरोना संक्रमण से मुक्त हो चुके है और स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें छुट्‌टी देकर घर भेज दिया था।

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