- जीएमसी में वर्ष 2019 में शुरू हुई थी कार्रवाई, कोरोना आने से रूक गया था काम
गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में किडनी ट्रांसप्लांट की मरीजों को जल्द सुविधा मिलेगी। इसके लिए प्रबंधन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। यह मध्यप्रदेश का किडनी ट्रांसप्लांट करने वाला पहला सरकारी मेडिकल कॉलेज बनेगा। इसमें मरीजों को आयुष्मान योजना के तहत इलाज की मुफ्त सुविधा मिलेगी। निजी अस्पतालों में इलाज का खर्च योजना में तय राशि अधिक आता है। वर्ल्ड किडनी डे 11 मार्च के अगले दिन से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रति शुक्रवार सुबह 10 बजे से 11 बजे मेडिसिन ओपीडी कमरा नंबर 75सी में मरीजों का रजिस्ट्रेशन होगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गांधी मेडिकल कॉलेज का किडनी ट्रांसप्लांट शुरू करने के लिए रजिस्ट्रेशन नवंबर 2019 में ही हो गया था, लेकिन शुरुआत करने से पहले ही कोरोना आ गया। इस वजह से इसका काम बीच में ही रूक गया। किडनी ट्रांसप्लांट शुरू करने प्रदेश सरकार ने 3 करोड़ रुपए का बजट गांधी मेडिकल कॉलेज को दिया है। मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. अरुणा कुमार ने बताया कि कोरोना के कारण किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू नहीं हो पाई। अब इसमें तेजी से काम हो रहा है। अभी इसे कार्डियक सर्जरी की ओटी के साथ शुरू किया जाएगा। इसके लिए उपकरण भी आ गए है। जिनके इंस्टालेशन का काम चल रहा है।
वहीं, मेडिकल कॉलेज के नेफ्रोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. हिमांशु शर्मा ने बताया कि हम 11 मार्च को वर्ल्ड किडनी डे के दिन छु्ट्टी है। इसके अगले दिन शुक्रवार को ट्रांसप्लांट के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया जाएगा। प्रत्येक शुक्रवार को रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। इस सुविधा से प्रदेश के मरीजों को फायदा मिलेगा। गांधी मेडिकल कॉलेज किडनी ट्रांसप्लांट के लिए अनुमति जारी करता है।

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