मध्यप्रदेश के जिन दो शहरों में संक्रमण फिर से रफ्तार पकड़ रहा है। उनमें व्यवसायिक शहर इंदौर के बाद राजधानी भोपाल का नंबर है। ऐसे में प्रशासन गाइडलाइन जारी कर भूल चुका है,जबकि जमीनी हकीकत यह है कि जनता को अब कोरोना से डर नहीं लगता। इसकी कुछ तस्वीरें शनिवार को हमें राजधानी के अलग-अलग हिस्सों से देखने को मिली। बीसीएलएल बसों में यात्री तो दूर ड्राइवर और कंडक्टर भी मास्क नहीं पहन रहे। वहीं, फूड स्टालों पर भी काम करने वाले कर्मचारी मास्क नहीं पहन रहे। यहीं हालात बड़े बाजारों और मार्केट की है।
बोर्ड ऑफिस चौराहा
बीसीएलएल बस नंबर MP 04 PA 3941 बोर्ड ऑफिस चौराहे के बस स्टाप पर यात्रियों के लिए खड़ी थी। बस में कुछ यात्रियों ने मास्क पहने थे, लेकिन कुछ बिना मास्क ही थे। हद तो यह है कि बस के ड्राइवर और कंडक्टर दोनों ने ही मास्क नहीं लगाया था। जब इस मामले में बस के कंडक्टर से मास्क नहीं पहनने का कारण पूछा तो जवाब दिया कि अभी लगाया था, आवाज देने के लिए उतारा। वहीं, बस के ड्राइवर से सवाल किया तो जवाब दिया कि मैं भूल गया।
6 नंबर हॉकर्स पाइंट
हॉकर्स पाइंट में किसी भी फूड स्टाल पर काम करने वाले कर्मचारियों ने मॉस्क नहीं लगाया था। एक फूड स्टाल संचालित करने वाले मनीष से जब मॉस्क नहीं लगाने के बारे में पूछा तो उसने तुरंत कर्मचारियों को मॉस्क पहनने का बोला। फिर भी मास्क नहीं पहनने पर कर्मचारियों ने दूसरी बार जवाब दिया कि मास्क खत्म हो गए। फिर एक कर्मचारी तुरंत बगल की दुकान से मास्क लेकर आया और सभी कर्मचारियों को बांटा।
बुधवार चौराहा
पुराने शहर के बुधवारा चौराहा के भी हालत एक जैसे ही है। यहां पर ना तो दूकानदार ना ही आने-जाने वाले मास्क पहने हुए है। दोपहिया या चार पहिया वाहन चलाने वाले बिना मास्क पहने गुजर रहे है। यहां पर एक शख्स से मास्क न लगाने का कारण पूछा तो जवाब दिया कि हम मास्क नहीं लगाते। जब बोला कि कोरोना हो जाएगा तो बोले हमें कोरोना नहीं होता। यह गैरजिम्मेदाराना रवैया सभी जगह देखने को मिला।
मुख्यमंत्री ने बढ़ते केसों पर जताई चिंता
भोपाल और इंंदौर में तेजी से बढ़ रहे कोरोना केस को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चिंता व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार देर शाम कोरोना की समीक्षा बैठक में कहा कि भोपाल और इंदौर में तेजी से बढ़ रहे केस में कमी नहीं आई, तो 8 मार्च से नाइट कर्फ्यू लगाया जाएगा। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से बताया गया कि इंदौर में मिले लंदन वैरिएंट से प्रभावित 6 मरीज मिले हैं। चिंता की बात यह है कि जिन लोगों की रिपोर्ट में यह संक्रमण पाया गया है, वे कभी इंदौर से बाहर नहीं गए।
बैठक में बताया गया कि ऐसे संदिग्ध 100 मरीजों के सैंपल दिल्ली भेजे गए थे, जिसमें से 6 में लंदन वैरिएंट संक्रमण की पुष्टि हुई है। यह अधिक घातक है और इसकी संक्रामक क्षमता तुलनात्मक रूप से अधिक है। इंदौर में पिछले सप्ताह प्रतिदिन औसतन 151 प्रकरण बढ़े हैं। इसी प्रकार भोपाल में 78, जबलपुर में 16, बैतूल में 13 और छिंदवाड़ा व उज्जैन में 11-11 प्रकरणों की प्रतिदिन औसतन वृद्धि हुई है। इंदौर में पिछले 15 दिनों में प्रकरणों की संख्या दोगुनी हो गई है। इस गंभीरता को देखते हुए इंदौर और भोपाल में सावधानियां बरतना और सख्ती करना आवश्यक है।
जो दुकानदार मास्क नहीं लगाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने दुकानदारों से सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करने, मास्क लगाने और अन्य सावधानियां बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि दुकानदार दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करें, जो दुकानदार बिना मास्क के दुकान पर बैठेंगे या बिना मास्क लगाए व्यक्तियों को सामान देंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, सामान्य तौर पर रोको-टोको के लिए भी भोपाल और इंदौर में तत्काल प्रभाव से अभियान आरंभ किया जाए।

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