पड़ोसी राज्य में कोरोना के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। विकासखंड के सीमावर्ती गांवों में मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। महाराष्ट्र से आने वालों की जांच में भी लापरवाही बरती जा रही है। इससे कोरोना के मरीज बढ़ने की आशंका है।
महाराष्ट्र में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए इससे। बचाव के लिए कुछ शहरों में लॉकडाउन, नाइट कर्फ्यू तो कहीं लोग जनता कर्फ्यू भी लगा रहे हैं। पड़ोसी राज्य में संक्रमितों की संख्या बढ़ने से सबसे ज्यादा खतरा जिले को है लेकिन यहां सख्ती नहीं बरती जा रही है।
महाराष्ट्र से आने वालों की स्क्रीनिंग, होम क्वारेंटाइन करने के निर्देश दिए जा रहे हैं लेकिन इनका ठीक से पालन नहीं किया जा रहा है। विकासखंड की वरला तहसील के महाराष्ट्र की सीमा से लगे वरला, बलवाड़ी, धवली आदि गांवों में अधिकांश लोग बिना मास्क के घूम रहे हैं। दुकानों और कार्यालयों सहित सार्वजनिक जगहों पर सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन नहीं किया जा रहा है। बलवाड़ी में गुरुवार को हाट-बाजार लगा। इस दौरान दुकानदार और खरीददार बिना मास्क पहने नजर आए। यही हाल अन्य गांवों का है।
स्क्रीनिंग में भी लापरवाही
क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में जिले के महाराष्ट्र की सीमा से लगे गांवों में कर्मचारी तैनात कर महाराष्ट्र से आने वालों की स्क्रीनिंग के निर्देश दिए गए हैं। इसी के तहत वरला तहसील के गेरुघाटी, वरला और मालवन में स्वास्थ्यकमियों की ड्यूटी लगाई गई है लेकिन यहां जांच के नाम पर औपचारिकता पूरी की जा रही है। कर्मचारी नदारद रहने की शिकायतें मिलती है। ये लापरवाही भारी पड़ सकती है।
निजी अस्पतालों में करवा रहे इलाज
वरला क्षेत्र में सर्दी-खांसी व बुखार से पीड़ित कई लोगों के क्षेत्र व महाराष्ट्र के निजी अस्पतालों में इलाज करवाने की चर्चा है। लोगों को आशंका है कि यदि बीमार लोग कोरोना संक्रमित हुए तो दूसरों को भी संक्रमित कर सकते हैं।
कोरोना के लक्षण वाले मरीजों का पता लगाकर उनके सैंपल लिए जाएं। इसके अलावा शासन ने महाराष्ट्र से आने वालों को होम क्वारेंटाइन करने के निर्देश भी दिए हैं इसका भी पालन नहीं किया जा रहा है। प्रतिदिन कई लोग महाराष्ट्र से आ रहे हैं।
विकासखंड में भोंगर्या हाट पर प्रतिबंध की मांग
तहसील वरला के धवली, दुकानी, अजगरिया, बलवाड़ी, वरला, बखारली, सोलवन गांव में भोंगर्या हाट पर प्रतिबंध लगाने के लिए आदिवासी संगठनों ने गुरुवार को तहसील कार्यालय और वरला पुलिस थाने पर ज्ञापन सौंपा। इसमें कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए भोंगर्या हाट पर प्रतिबंध की मांग की गई। इस दौरान आदिवासी संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
प्रशासन नहीं है सक्रिय
वरला तहसील में मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाने के लिए प्रशासन सक्रिय नहीं है। क्षेत्र में जागरूकता अभियान नहीं चलाया जा रहा है और कार्रवाई भी नहीं की जा रही है।
3 स्थानों पर कर्मचारी तैनात
वरला तहसील में तीन स्थानों पर कर्मचारी तैनात कर महाराष्ट्र से आने वालों की स्क्रीनिंग करवा रहे हैं। स्टाफ की कमी के कारण परेशानी आती है। वरला क्षेत्र में कोरोना के लक्षण वाले 15 लोगों के सैंपल गुरुवार को भेजे गए हैं। कोरोना के लक्षण वाले लोग शासकीय अस्पताल में जांच करवाकर सैंपल दें।-डॉ. ओएस कनेल, बीएमओ, सेंधवा

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