- सुबह सफाई कर्मचारी जला देते हैं कचरा, शाम को गन्ना चरखी चलाने वाले,
- कचरे में पॉलिथीन सहित अन्य सामग्री जलाने से स्वास्थ्य को ज्यादा खतरा
शहर में सुबह- शाम कई जगह कचरा जलाए जाने धुएं के गुबार उठते दिखाई दे रहे हैं। इस कचरे में पॉलीथिन सहित विभिन्न प्रकार की सामग्री शामिल रहने से यह लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो रहा है। सुबह के समय सफाई कर्मचारियों द्वारा शाम के समय कारोबारियों द्वारा कचरा जलाया जा रहा है।
इससे कुछ देर के लिए ऐसा लगता है कि कहीं आगजनी की घटना तो नहीं हो गई है। यह सिलसिला लंबे समय से चलने के बाद भी इसकी प्रक्रिया निरंतर चल रही है। सफाई कर्मचारियों द्वारा कचरे को जलाया जाना अचरज भरा लगता है। क्योंकि नगर पालिका द्वारा कचरे के उठाव के लिए तमाम गाड़ियां और कर्मचारियों को तैनात किया गया है। यहां बता दें शहर में सुबह के समय सफाई कर्मचारी जगह जगह कचरे के ढेर में आग लगा देते हैं। जबकि शाम के वक्त कहीं गन्ना की चरखी चलाने वाले और कहीं अन्य कारोबार करने वाले कचरे को आग के हवाले कर रहे हैं।
इस कचरे में पॉलीथिन अन्य सामग्री शामिल रहने से लोगों के स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव डाल रहा है। कई जगह कचरे का नियमित रूप से उठाव न होने के कारण भी इसे जलाया जा रहा है। इससे कैंसर जैसी बीमारियों की चपेट में आने का खतरा रहता है।
स्वास्थ्य के लिए घातक साबित होता है कचरे का जलाया जाना फिर भी अनदेखी
सिविल सर्जन डॉ. अनिल गोयल का कहना है कि कचरा में तमाम तरह की सामग्री शामिल रहती है। इसमें कई ऐसी सामग्री भी होती है जिससे निकला धुआं स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित होता है। धुएं से वैसे भी आंखों व फेफड़ों में दिक्कत होने लगती है। मिश्रित कचरे हानिकारक गैस मीथेन, सल्फर, कार्बन डाय आक्साइड, कार्बन मोनो आक्साइड निकलते हैं, यह हमारे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती हैं। इनसे कैंसर, चर्म रोग, सांस की बीमारी, एनीमिया, दमा, टीबी जैसी बीमारी होने की आशंका रहती है।
जिले में पॉलीथिन पर लगा कागजी प्रतिबंध, इसलिए हालात हो रहे बद से बदतर
यहां बता दें 40 माइक्रोन से पतली पॉलीथिन के यूज पर प्रतिबंध लगा हुआ है लेकिन कभी कभार जांच पड़ताल और इसके नष्ट कराए जाने की प्रक्रिया चलती है इसके बाद यह फिर प्रचलन में आ जाती है। प्रतिबंध के बाद भी अभी भी बाजार में खुलेआम पॉलीथिन का यूज हो रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण विभाग और नगर पालिका इसको लेकर गंभीर नहीं है। इसी कारण यूज किए गए पॉलीथिन को कचरे में फेंककर उसे जलाया जाने से सीधे-सीधे जन स्वास्थ्य और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है।
यह हैं जिम्मेदार
कचरा जलाने वालों पर की जाएगी सख्त कार्रवाई
- नगरीय क्षेत्र में कहीं कचरा न जलाया जाए इसके लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अगर कोई कर्मचारी कचरा जलाएगा तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही कारोबारी कचरा न जलाएं इसके लिए उन्हें निर्देशित किया जाएगा। - सुरेंद्र शर्मा, सीएमओ

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