सरोवर में कचरा व पूजन सामग्री भी फेंकी जा रही, तालाब हो रहा प्रदूषित
ऐतिहासिक गौरी सरोवर के ओवर फ्लो होने पर पानी निकासी के लिए बने नालों से उल्टे गंदा पानी तालाब में पहुंच रहा है। इसके अलावा कचरा और सामग्री भी फेंकी जा रही है। इन सबसे जहां एक ओर तालाब का पानी प्रदूषित हो रहा है वहीं दूसरी ओर जलीय जीवों के जीवन पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। पिछले दिनों ही बड़ी संख्या में मछलियां मर गई।
इसी प्रकार कछुआ सहित अन्य जीव- जंतु भी मर रहे हैं। गंदे पानी सरोवर में केनोइंग- कयाकिंग का अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सालों से चली आ रही इस समस्या का नगरीय निकाय अब तक समाधान नहीं करा पाया है। यहां बता दें गौरी सरोवर सौंदर्यीकरण की बात समय- समय पर होती रही है पर यह अब तक धरातल पर फलीभूत नहीं हो सकी है।
नेता और अधिकारी सरोवर की साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण कराने के वादे करते रहे हैं, लेकिन सरोवर की हालत नहीं बदली। तालाब के आसपास के क्षेत्र के नाले नालियों के अलावा भी अन्य बड़े नालों का गंदा पानी भी इसमें जा रहा है। इसका खामियाजा सरोवर के आसपास रहने वाले लोग भुगत रहे हैं। सरोवर के पास मीट मंडी और घरों से निकलने वाला कचरा इसी में फेंका जा रहा है।
गौरी सरोवर में आए दिन मरने लगी हैं मछलियां
पहले सरोवर में बादल छाए रहने के दिनों में मछलियों सहित जलीय जीव मरने की स्थिति बनती थी लेकिन अब मछलियां आए दिन मर रही हैं। इस कारण सरोवर में नाले-नालियों और मीट मंडी का कचरा जमा होने से उसका पानी गंदा और जहरीला हो जाना है। जलीय जीवों के मरने के बाद नगरीय निकाय का अमला सक्रिय होता है लेकिन जलीय जीवों के मरने का सिलसिला बंद हो इसके लिए ठोस उपाय नहीं किए जा रहे हैं।
केनोइंग- कयाकिंग खिलाड़ी भी गंदे पानी से परेशान
गौरी सरोवर का पानी गंदा होने का खामियाजा केनोइंग कयाकिंग खिलाड़ियों को भी भुगतना पड़ रहा है। अभ्यास के दौरान कई बार इनकी नाव उलट पलट जाती है। सलालम के अभ्यास में तो यह अधिकांशत: होता है। ऐसे में खिलाड़ियों के मुहं के जरिए गंदा पानी पेट तक में जा घुसता है। हालांकि खिलाड़ियों द्वारा भी सरोवर में गंदे पानी को रोकने के लिए मांग की गई है लेकिन अब तक इस गौर नहीं किया जा सका है। जिसकी वजह से खिलाड़ी परेशान हैं।
सरोवर किनारे बनाई गई दीवार भी हुई क्षतिग्रस्त
पिछले सालों में सरोवर का पानी सड़क पर न आए और इसके किनारे उठने बैठने वाले लोग सुरक्षित रहें, इसके लिए खंडों की दीवार बनवाई गई लेकिन वह धीरे- धीरे क्षतिग्रस्त हाल में पहुंच गई है। लेकिन निर्माण कार्य के दौरान घटिया सामग्री का उपयोग होने से यह कई जगह जर्जर हो चुकी है। वहीं दीवार का कुछ हिस्सा धराशायी होकर पानी के अंदर समा चुका है। दीवार गिरने की वजह से यहां आने वाले लोगों को हादसे की आंशका बनी रहती है।
यह हैं जिम्मेदार
गंदा पानी रोकने बना रहे योजना
- गौरी सरोवर में गंदे नालों का पानी रोकने के लिए कार्य योजना बनाई जा रही है। इसके बाद इसके सौंदर्यीकरण का कार्य भी कराए जाने की योजना बनाई जाएगी। - सुरेंद्र शर्मा, सीएमओ
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