- खजराना गणेश, रणजीत हनुमान और बिजासन मंदिर के बाद चौथा मंदिर होगा
कम्प्यूटर बाबा के दखल वाले एरोड्रम क्षेत्र के अंबिकापुरी स्थित दक्षिण कालीपीठ मंदिर का संचालन व व्यवस्था अब प्रशासन देखेगा। कम्प्यूटर बाबा पर प्रशासन की कार्रवाई के चार महीने बाद कलेक्टर द्वारा इस संबंध में धारा-144 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। आदेश का उल्लंघन करने पर धारा-188 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। आदेश के अनुसार मंदिर में इस समिति के संबंध में निर्णय का सर्वाधिकार अध्यक्ष के पास सुरक्षित रहेगा। इसमें मंदिर में पुजारी की नियुक्ति का निर्णय व व्यवस्था से जुड़े किसी भी निर्णय में अंतिम निर्णय अध्यक्ष का रहेगा।
मंदिर प्रांगण में कार्यक्रमों के आयोजन को लेकर समिति अपना मत अध्यक्ष के सामने रखेगी व कार्यक्रम केवल धार्मिक अनुष्ठान व इससे जुड़े ही होंगे, यह सुनिश्चित रखना अध्यक्ष व समिति की जिम्मेदारी होगी। इस समिति के समस्त कार्य चंद्रकला पूनमचंद तोषनीवाल चैरिटी ट्रस्ट के अधीन रहेंगे। हालांकि समिति मंदिर व प्रांगण में व्यवस्थाओं व उससे जुड़े विषयों को लेकर अपने उद्देश्य को पूर्ण करने को स्वतंत्र रहेगी।
इस समिति का गठन मंदिर की व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने, आपराधिक प्रवृत्ति व असामाजिक प्रवृत्ति के लोगों से मंदिर व प्रांगण को सुरक्षित रखने, किसी भी अनुचित हस्तक्षेप को रोकना, प्रांगण के दुरुपयोग को रोकना होगा। इसके अतिरिक्त समिति के सदस्य का कोई भी व्यक्तिगत हित न रहेगा।
मंदिर में पूजा-अर्चना और नैवेद्य की व्यवस्था दान की राशि से की जाएगी
मंदिर में पूजा-अर्चना व उससे जुड़ी व्यवस्था के लिए पुजारी का वेतन, पूजन सामग्री, नैवेद्य की व्यवस्था व अन्य मंदिर में आने वाले दान से की जाएगी। इसके अतिरिक्त भी अगर कोई व्यय होता है या दान-चढ़ावे में कमी होती है तो उसकी पूर्ति समिति के सदस्य एवं संरक्षक ट्रस्ट चंद्रकला पूनमचंद तोषनीवाल चैरिटी ट्रस्ट करेगा। समिति में कुल 11 सदस्य रहेंगे, जिसमें एक अध्यक्ष, एक सचिव का पद रहेगा एवं शेष समिति के सदस्य के रूप में रहेंगे। समिति के सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्षों का रहेगा। यह समिति केवल मंदिर और इससे जुड़ी व्यवस्थाओं के संचालन के लिए ट्रस्ट के अधीन गठित की गई है।

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