- कलेक्टर ने कहा- होलिका दहन, शब-ए-बरात सांकेतिक रूप से मना सकेंगे, भीड़ न करें
राजधानी में शनिवार रात 9 से मंगलवार सुबह 6 बजे तक सब कुछ बंद रहेगा। संडे लॉकडाउन और होली पर लॉकडाउन जैसी सख्ती रहेगी। यानी करीब 23 लाख की आबादी 57 घंटे पाबंदी में रहेगी। हालांकि सख्ती के बावजूद शहर में नए संक्रमित बढ़ते जा रहे हैं। शनिवार को यहां 498 नए केस मिले। ये पूरे कोरोनाकाल का सबसे बड़ा आंकड़ा है। प्रदेश में 2142 नए केस मिले। हालात ऐसे हैं कि राजधानी में 16 सरकारी और निजी अस्पतालों में आईसीयू और एचडीयू के 400 बेड रिजर्व हैं। इनमें से 72% फुल हो चुके हैं। 35 मरीज अभी वेंटिलेटर पर हैं।
ऑक्सीजन सपोर्ट वाले 581 बेड में से 401 फुल हैं। यह स्थिति तब है, जब शहर में 3455 एक्टिव केस हैं और उनमें से भी 2360 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। इसी स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने 7 महीने बाद फिर कंटेनमेंट क्षेत्र बनाने शुरू कर दिए हैं। शनिवार को 7 इलाकों के 20 घरों को कंटेनमेंट बनाया गया है। इन घरों के बाहर बैरिकेडिंग कर दी गई है। हर घर में 2 से 5 लोग संक्रमित हैं।
एडीएम दिलीप यादव ने बताया कि ये लोग 7 दिन बाद निगेटिव रिपोर्ट आने पर ही बाहर निकल पाएंगे। आसपास के घरों को सैनिटाइज किया जाएगा और सैंपल लिए जाएंगे। आगे से जिस घर में 2 से ज्यादा मरीज मिलेंगे, उन्हें कंटेनमेंट किया जाएगा। वहीं देर रात कलेक्टर अविनाश लवानिया ने कहा कि होलिका दहन, शब-ए-बरात को सांकेतिक रूप से मना सकेंगे। भीड़ न हो, इसका ध्यान रखें। बता दें कि प्रशासन ने पहले दोनों पर्व मनाने पर पाबंदी लगा रखी थी।
कंटेनमेंट के लिए गाइडलाइन
- सात दिन बाहर नहीं निकल सकेंगे। घर के सभी लोग होम क्वारेंटाइन रहेंगे।
- घर की बैरिकेडिंग करेंगे। यहां स्वास्थ्य विभाग की रैपिड टीमें भी तैनात होंगी।
- घर के एग्जिट प्वाइंट पर स्वास्थ्यकर्मी हमेशा निगरानी करेगा।
- सभी वार्ड के फ्रंटलाइन वर्कर घरों का निरीक्षण कर प्रोफार्मा रिपोर्ट भरेंगे।
- नगर निगम के जोनल अधिकारी यहां सैनिटाइजेशन कराएंगे।
प्रदेश में 30 अप्रैल तक होंगे 50 हजार एक्टिव केस
सरकारी तैयारी... भोपाल, इंदौर, उज्जैन के एक-एक निजी अस्पताल से फिर अनुबंध किया
प्रदेश में 30 अप्रैल तक एक्टिव केस 50 हजार तक पहुंच सकते हैं। फिलहाल ये आंकड़ा 12,995 है। यह अनुमान शुक्रवार को हुई कोरोना समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने रखा था। इसी बैठक के बाद कलेक्टरों से इस अनुमान के हिसाब से योजना बनाने को कहा गया है।
वहीं सरकार ने भोपाल के जेके हॉस्पिटल, इंदौर के अरबिंदो और उज्जैन के आरडी गार्डी अस्पताल से फिर अनुबंध कर लिया है। तीनों में अभी 425 बेड रिजर्व हैं। प्रदेश में अब हर दिन 25 से 30 हजार सैंपल जांचे जा रहे हैं। पिछले साल अप्रैल में भी सरकार ने एक्टिव केस 50 हजार तक पहुंचने का अनुमान लगाया था। तब सभी जगह कोविड केयर सेंटर बनाए गए थे। इस बार ऐसी तैयारी नहीं है। सरकार का मानना है कि अभी कुल एक्टिव केस में से 70% मरीज होम आइसोलेशन में हैं। अस्पतालों में ज्यादातर बेड खाली हैं। आइसोलेशन बेड और ऑक्सीजन सपोर्ट बेड 18 से 29% तक ही भरे हैं।
जबकि आईसीयू बेड 40 से 45% भरे हुए हैं। इसलिए निजी अस्पतालों को आईसीयू तैयार रखने को कहा गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कोविड समीक्षा बैठक में कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है। सभी जिलों में पर्याप्त बेड, मुफ्त टेस्टिंग, इलाज की सुविधा है। बता दें कि प्रदेश एक्टिव केस में देश में छठे नंबर पर है। संक्रमण दर 6.6% है।
प्रदेश में बेड की स्थिति
आईसोलेशन बेड : कुल क्षमता- 5961, भरे सिर्फ-1092
ऑक्सीजन सपोर्ट बेड : कुल क्षमता - 8184, भरे सिर्फ - 2369
आईसीयू-एचडीयू सपोर्ट बेड : कुल क्षमता - 3505, भरे सिर्फ - 1527


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