- शाम 7.15 बजे फतेहाबाद से चलकर रात 8.10 बजे उज्जैन पहुंची, चित्तौड़गढ़ से हजीरा जाएगी
रेलवे ने सोमवार को फतेहाबाद चंद्रावतीगंज से उज्जैन के बीच मालगाड़ी का संचालन किया। गेज परिवर्तन के बाद इस ट्रैक पर चलने वाली यह पहली ट्रेन है। यह ट्रेन शाम 7.15 बजे फतेहाबाद से रवाना होकर रात 8.10 बजे उज्जैन पहुंची। डीआरएम विनीत गुप्ता के अनुसार 42 कोच की इस ट्रेन में 3606 टन सामान था। इसे लोको पायलट अभिषेकसिंह डोडिया, सहायक लोको पायलट लाखाराम मीणा और गार्ड प्रवीण कुमार लेकर आए। एसएसई मनीष ने बताया यह ट्रेन चित्तौड़गढ़ से हजीरा जाएगी।
11 फरवरी को कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी ने इस ट्रैक का निरीक्षण किया था। इसके बाद उन्होंने तकनीकी कमियां होने पर सुधार के निर्देश दिए थे। सुधार के 18 दिन बाद इस ट्रैक पर ट्रेन चलाने की मंजूरी मिल पाई हालांकि यात्री ट्रेन के लिए अभी दो सप्ताह और इंतजार करना पड़ सकता है। 21.54 किलोमीटर खंड का गेज परिवर्तन और रेलवे संरक्षा आयुक्त के निरीक्षण के बाद इस खंड पर पहली मालगाड़ी है। इसकी औसत रफ्तार 50 किलोमीटर प्रतिघंटा रही। इसके पहले फतेहाबाद से शिप्रा ब्रिज केबिन तक 110 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से स्पेशल ट्रेन दौड़ाई थी।
फरवरी 2014 से बंद था ट्रैक
मीटर गेज को ब्रॉडगेज में बदलने के लिए इस मार्ग पर फरवरी 2014 से ट्रेन का संचालन बंद था। ट्रैक का निर्माण करने के बाद भार वहन क्षमता जांचने के लिए 19 दिसंबर 2019 को उज्जैन के पास शिप्रा केबिन से राणाबड़ तक इंजिन चलाया था।
ब्रॉडगेज होने से 18 गांवों के लोगों को मिलेगा फायदा
उज्जैन-फतेहाबाद ब्रॉडगेज से 18 गांव के लोगों को फायदा मिलेगा। उन्हें आर्थिक के साथ सामाजिक बदलाव आने की उम्मीद है। वे इसके लिए 7 साल से इंतजार कर रहे थे। जवासिया, हासामपुरा, बिंद्राज, गोंदिया, लिंबा पिपल्या, लेकोड़ा, राणाबड़, कांकरिया, चिराखान, रालामंडल, उमरिया, टंकारिया, टकवासा, धर्माट आदि गांवों के लोगों को सुविधा मिलेगा। उन्हें 7 साल से इंदौर का सफर वाया सड़क मार्ग करना पड़ रहा है। इससे उन पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है।

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