रविवार, 21 मार्च 2021

हमीदिया की हकीकत:नई बिल्डिंग के 240 बेड खाली, फिर भी मरीजों की फजीहत; कोई स्ट्रेचर पर पड़ा तो कोई गलियारे में


  • मेडिकल वार्ड-2 के मरीजों को वार्ड-1 में शिफ्ट करने से दिन भर रही अफरा-तफरी,

  • कोरोना मरीजों के लिए की जा रही व्यवस्थाओं से अन्य मरीज हो रहे परेशान

कोरोना मरीजों को इलाज देने की खातिर की गई नई व्यवस्थाओं से हमीदिया अस्पताल में शनिवार को सुबह 10 बजे से अफरा-तफरी का माहौल रहा। ये नौबत इसलिए अाई कि अस्पताल की नई बिल्डिंग के बी-ब्लाक में 240 बेड होने के बाद भी इनका उपयोग नहीं किया जा रहा। इंतजाम के नाम पर मेडिकल वार्ड-2 के आईसीयू में भर्ती मरीजों को मेडिकल वार्ड-1 में शिफ्ट किया गया। मेडिकल वार्ड 1 में महज 28 बेड होने के बाद भी शाम चार बजे तक 40 से ज्यादा मरीज यहां भर्ती थे।

बेड नहीं होने से मरीजों को स्ट्रेचर पर लेटा दिया गया। इसी स्थिति में गंभीर मरीजों को वेंटीलेटर सपोर्ट दिया गया। पांच से ज्यादा मरीजों के परिजनों ने वार्ड की स्थिति को देखकर खुद ही लिखकर दे दिया कि अपने मरीज को अपनी मर्जी से ले जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण के बीच गंभीर और सामान्य मरीजों के लिए इलाज को लेकर क्या किस-किस तरह की दिक्कत हो रही है पढ़िए रिपोर्ट में...

वार्ड की हालत देखकर... कुछ परिजनों ने लिखकर दिया- हम अपनी मर्जी से मरीज को ले जा रहे हैं

व्यथा-1

24 घंटे गुजरे लेकिन नहीं मिला पलंग
बेटे नरेश के हाथ पैर में सूजन आने पर एक डॉक्टर्स को दिखाया तो उसने विशेषज्ञ को दिखाने के लिए कहा। पता चला कि किडनी खराब है। डायलिसिस कराना पड़ेगा। शुक्रवार रात को बेटे की अचानक से तबीयत खराब होने पर उसे लेकर हमीदिया अस्पताल पहुंचे। इलाज के लिए उसे बेड की कमी से स्ट्रेचर पर भर्ती कर लिया गया। 24 घंटे बीतने के बाद भी बेड नहीं मिला है। इस दौरान डायलिसिस भी हुआ। जगह कम है इसलिए दो बेडों के बीच में स्ट्रेचर रखा है। (जैसा कि नरेश की मां ने भास्कर को बताया)

व्यथा-2

दो घंटे तक गलियारे में पड़ा रहा
होशंगाबाद में सरमन कीर की शुक्रवार रात को तबीयत बिगड़ने पर वहां के जिला अस्पताल ने हमीदिया अस्पताल में रैफर कर दिया। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। तीन घंटे के सफर के बाद सरमन को लेकर हमीदिया पहुंचे। यहां पहुंचने पर बताया गया कि मेडिकल वार्ड-1 में चले जाएं।

यहां पता चला कि बेड ही खाली नहीं है। जिस स्ट्रेचर पर सरमन को लेकर आए थे, उसे गलियारे में खड़ा करवा दिया गया। वार्ड के गलियारे में स्ट्रेचर पर ही डॉक्टर उसका इलाज कर रहे हैं। देर शाम तक बेड नहीं मिल पाया था।

यह किया जा रहा है नई व्यवस्था के तहत
हमीदिया में कोविड वार्ड में सिर्फ 100 बिस्तर रिजर्व हैं, जिन्हें बढ़ाकर 400 करने का निर्णय लिया गया है। इसमें 120 बिस्तर नई बिल्डिंग के बी ब्लॉक में तैयार किए जाएंगे। पल्मोनरी वार्ड के मरीज टीबी अस्पताल में शिफ्ट किए जा रहे हैं। जहां इलाज की संपूर्ण व्यवस्था और आईसीयू का इंतजाम नहीं है।

पल्मोनरी वार्ड को आर्थोपेडिक्स इकाई में तब्दील किया जाएगा। ऑर्थोपेडिक्स विभाग का उपयोग कोविड वार्ड के रूप में होगा। मेडिसिन वार्ड में 100 बेड रिजर्व किए जाएंगे। मेडिसिन वार्ड को भी खाली करा लिया गया है।

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