शनिवार, 20 मार्च 2021

काेरोना का खतरा बढ़ा:अब सभी 23 फीवर क्लीनिकों पर होगी सैंपलिंग छह नई मेडिकल मोबाइल यूनिट भी बनेंगी


  • पॉजिटिव केस बढ़ने के बाद जागा जिले का स्वास्थ्य विभाग

शहर में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इस कारण स्वास्थ्य विभाग उन व्यवस्थाओं को फिर से शुरू कर रहा है, जो कोरोना के मामले कम होने के कारण बंद कर दी गई थीं। सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि जेएएच स्थित कोल्ड ओपीडी और जिला अस्पताल में नियमित सैंपलिंग हो रही है। बीच में कोरोना के केस कम होने के कारण कुछ फीवर क्लीनिक में पदस्थ लैब टेक्नीशियन और डेंटिस्ट को हटा दिया गया था। केस बढ़ने के कारण फिर से नियुक्तियां की जा रही है।

जल्द सभी 23 फीवर क्लीनिकों पर सैंपलिंग की सुविधा शुरू कर दी जाएगी। मेडिकल मोबाइल यूनिटों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। अभी केवल एक यूनिट ही ग्रामीण क्षेत्रों में सैंपल ले रही है। सोमवार तक इसकी संख्या बढ़ाकर 7 करने की योजना है। इन्हीं यूनिट से ग्रामीण के साथ ही शहरी क्षेत्रों में सैंपल लेने का काम किया जाएगा।
कोविशील्ड के 90 हजार डोज आएंगे
ग्वालियर में कोविशील्ड के 90 हजार डोज आएंगे। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि टीका लगवाने पहुंच रहे लोगों की संख्या भी बढ़ रही है। इस कारण कोविशील्ड के 90 हजार और को-वैक्सीन के 14 हजार डोज मंगाए गए हैं। ग्वालियर में अब तक 11131 स्वास्थ्यकर्मियों को पहला और 6781 को दूसरा डोज लग चुका है।

18359 फ्रंटलाइन वर्कर्स को पहला डोज और 8454 को दूसरा डोज लग चुका है। 45 वर्ष से अधिक आयु के बीमार और 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग की बात करें तो ऐसे 24467 को वैक्सीन का पहला डोज लग चुका है।
आज 138 केंद्रों पर लगेंगे टीके
शनिवार को जिले में कुल 138 केंद्रों में कोरोना वैक्सीन की डोज लगाया जाएगा। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया, बुजुर्गों व बीमार लोगों को वैक्सीन लगाने में किसी प्रकार की समस्या नहीं आए। इसको ध्यान में रखते हुए केंद्रों की संख्या को बढ़ाकर 138 कर दिया गया है।

इन केंद्रों पर 19030 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। केंद्रों में कैंसर हॉस्पिटल को भी शामिल किया गया है। यहां 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग व 45 वर्ष से अधिक आयु के बीमार लोगों को टीका लगाया जाएगा।

नर्सिंग स्टाफ की 2 रिपोर्ट, पहली में निगेटिव, दूसरी में पॉजिटिव
निजी अस्पताल के कोविड वार्ड में ड्यूटी कर रहे 24 वर्षीय नर्सिंग स्टाफ की रिपोर्ट तैयार करने में लापरवाही का मामला सामने आया है। खांसी की शिकायत के चलते स्टाफ ने अस्पताल में रैपिड एंटीजन टेस्ट कराया, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई। सावधानी बतौर उसने आरटीपीसीआर टेस्ट कराया। शुक्रवार शाम को जारी रिपोर्ट में उसे संक्रमित बताया गया। जबकि मेडिकल कॉलेज से उसे जो रिपोर्ट दी गई, उसमें उसे निगेटिव बताया गया है। अब स्टाफ असमंजस की स्थिति में है कि आखिर वह संक्रमित है या नहीं?
इंदौर से लौटे मां-बेटे संक्रमित

झांसी रोड निवास मां-बेटे संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। दोनों इंदौर में आयोजित समारोह में शामिल होकर लौटे थे।
सेंट्रल जेल में बंद कैदी पॉजिटिव

सेंट्रल जेल में बंद 26 वर्षीय कैदी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। कोर्ट से रिहाई का आदेश मिलने के बाद उसका टेस्ट कराया गया था। आरएमएस विभाग में पदस्थ बाबू भी संक्रमित निकला है। 10 दिन पहले वह भोपाल से लौटा था।
परिजन भी निकल रहे संक्रमित

परिवार में एक व्यक्ति के संक्रमित होने के कारण अन्य सदस्य भी चपेट में आ रहे हैं। शुक्रवार को जांच में भी ऐसे कई मामले सामने आए।

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