- जिन इलाकाें में ज्यादा जमीन बिकीं वहां 50% तक वृद्धि
प्रस्तावित कलेक्टर गाइडलाइन 2021-22 में पहली बार शहर के मुख्य बाजाराें में आवासीय दरें खत्म की जा रही हैं। कटरा बाजार, गुजराती बाजार, काेतवाली राेड, झांसी-भाेपाल राेड जैसे 24 इलाकाें की मेन राेड की संपत्तियाें की रजिस्ट्री व्यवसायिक दराें पर हाेगीं। इस तरह कहीं डेढ़ ताे कहीं दाेगुना तक रेट बढ़ जाएंगे। शहर के जिन क्षेत्राें में डव्लपमेंट के लिहाज से जमीनाें की ज्यादा खरीद-फराेख्त हाे रही है। वहां 50 फीसदी तक रेट बढ़ाए गए हैं। प्रस्तावित गाइडलाइन काे लेकर जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में दरें तय हाेने के बाद इन पर दावे-आपत्तियां बुलाई गईं हैं।
गाइडलाइन पर नहीं आए दावे-आपत्ति, निर्णय जल्द
जिला पंजीयक निधी जैन ने बताया कि प्रस्तावित गाइडलाइन 2021-22 काे लेकर तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। जिला मूल्यांकन समिति से दरें तय हाेने के बाद गाइडलाइन शासन काे भेजी जाएगी। नई गाइडलाइन 30 अप्रैल 2021 तक लागू रहेगी। शासन के निर्देशानुसार शहर के मुख्य मार्केट के 24 स्थानाें की आवासीय दरें खत्म की गई हैं। ऐसा अन्य जिलाें में भी किया गया है। पिछले सालों की तरह गाइडलाइन को तैयार करने में विभाग और एक्सपर्ट की टीम ने हर बिंदू पर गहनता से विचार विमर्श कर इसे फाइनल कराया है। प्रस्तावित गाइडलाइन के संबंध में 27 मार्च काे शाम 5.30 बजे तक दावे-आपत्तियां व सुझाव मांगे गए थे। गाइड लाइन को लेकर एक भी आपत्ति नहीं आई। शासन के निर्देशानुसार 30 अप्रैल तक पुरानी दरों पर ही रजिस्ट्रियां होगी।
2020 में काेराेना संक्रमण के चलते कलेक्टर गाइडलाइन फाइनल नहीं हाे सकी थी। इस बार बढ़ी हुई दराें के साथ इसे तैयार कराया गया
बाघराज व अंबेडकर की कॉलोनियों में तक वृद्धि
प्रस्तावित गाइडलाइन में बाघराज, अंबेडकर व इनके आसपास के इलाकाें की जमीनाें के रेट में 40 से 50 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्शाई गई है। इन इलाकाें में इस साल जमीनाें की ज्यादा खरीद-बिक्री हुई है। पिछले सालाें में शहर के तिली क्षेत्र में पिछले बाद यहां डव्लपमेंट की संभावनाएं भी दिख रही हैं।
4 नई नगर परिषदाें के गांव गाइडलाइन में शामिल
जिले नव गठित नगर परिषद सुरखी, बिलहरा, बांदरी, मालथाैन के 58 गांवाें काे प्रस्तावित गाइडलाइन में शामिल कर जमीनाें के रेट तय किए गए हैं। स्टेट हाइवे पर बहेरिया व दमाेह राेड की जमीनाें के रेट खाेले गए हैं।
एक्सपर्ट; काॅमर्शियल की जगह औसत दर तय हो तो बेहतर
सागर के मास्टर प्लान में कटरा और इससे लगा क्षेत्र मिक्स लैंड यूज में आता है। ज्यादातर मकानाें के नीचे दुकानें हैं। यह आवासीय व व्यवसायिक दाेनाें हैं। आवासीय दरें एकदम से खत्म करने और व्यवसायिक दर से रजिस्ट्री के कारण प्राॅपर्टी खरीदने वालाें के लिए महंगा साैदा पड़ेगा। इससे यहां जमीनाें की खरीद-बिक्री पर असर रहेगा। हाेना यह चाहिए कि सीधा काॅमर्शियल न करके एक औसत रेट निकालकर दरें तय हाेना चाहिए। जिससे यहां प्राॅपर्टी खरीदने वालाें पर ज्यादा भार न आए और सरकार का एक अच्छा राजस्व भी मिल सके। काेराेनाकाल में पिछले एक साल रियल स्टेट सेक्टर में पहले से मंदी का दाैर देखा जा रहा है। शहर की मुख्य काॅलाेनियाें की जमीनाें के रेट 50 फीसदी से ज्यादा बढ़ाए गए हैं। इसका असर भी खरीद-बिक्री पर दिख सकता है।
- डाॅ. राजेंद्र सिलाकारी, अर्बन प्लानर सागर
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