भूमाफियओं के खिलाफ प्रदेश के की सबसे बड़ी कारगर कार्रवाई की है । इंदौर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने की संयुक्त कार्रवाई 3250 करोड़ की जमीन भूमाफिया से मुक्त कराई है। कई माफिया शहर में दो दशक से ज्यादा इंदौर में काबिज थे। भूमाफिया द्वारा जमीन को मुक्त कराने पर लगभग 1500 हितग्राहियों को मिलेगा।
भूमाफियाओं के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन शुरू करते हुए देर रात खजराना और एमआईजी पुलिस थानों पर कुख्यात भूमाफिया दीपक जैन उर्फ दिलीप सिसौदिया उर्फ दीपक मद्दा सहित एक दर्जन से अधिक माफियाओं के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज करवाने के साथ ही उनके ठिकानों पर भी छापे डलवाए। लेकिन भनक लगने पर अधिकांश माफिया फरार हो गए। केवल एक भूमाफिया मुकेश खत्री पुलिस के हत्थे लग सका। वहीं पहली बार संघवी परिवार भी चपेट में आया।
कलेक्टर मनीष सिंह के निर्देश पर बुधवार देर रात पीडि़तों की ओर से खजराना और एमआईजी थाने पर मजदूर पंचायत गृह निर्माण , देवी अहिल्या गृह निर्माण के साथ-साथ हिना पैलेस खजराना की अवैध कालोनी को विकसित करने वाले माफियाओं के खिलाफ धारा 420, 67, 68, 71 IPC से लेकर अन्य धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेजों को तैयार करने सदस्यों के हित की रजिस्ट्री की हुई जमीनों की अफरा-तफरी करने से लेकर अन्य आरोपों के मामले में एक दर्जन से अधिक माफियाओं के खिलाफ FIR दर्ज करवाई गई है। सबसे चर्चित और अब तक बचते रहे दीपक जैन उर्फ दिलीप सिसौदिया उर्फ दीपक मद्दा के खिलाफ आधा दर्जन एफआईआर (FIR) दर्ज करवाई गई है। मजदूर पंचायत गृह निर्माण की पुष्प विहार कालोनी में दीपक जैन, उसके साले दीपेश वोरा, भाई कमलेश जैन और उसके गुर्गे नसीम हैदर के अलावा जमीनें खरीदने वाले केशव नाचानी, ओमप्रकाश धनवानी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। इसी तरह देवी अहिल्या गृह निर्माण, जिसकी अयोध्यापुरी कालोनी है, के विमल लुहाडिय़ा, पुष्पेन्द्र नीमा, दीपक जैन उर्फ दिलीप सिसौदिया, रणवीरसिंह सूदन, दिलीप जैन, प्रतीक संघवी, मुकेश खत्री के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। वहीं हिना पैलेस में भी दीपक जैन के अलावा अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई
वहीं कुछ गृह निर्माण संस्थाओं के अलावा जमीनों के कारोबार से जुड़े रहे सुरेन्द्र संघवी के खिलाफ भी FIR दर्ज करवाई है। संघवी पर आरोप है कि पिछले कई वर्षों से जमीनी कारोबार में सक्रिय रहे संघवी की गृह निर्माण संस्थाओं की जमीनों की अफरा-तफरी करने से लेकर डराने-धमकाने सहित अन्य गड़बडिय़ों में लिप्तता पाई गई है। देर रात हुई FIR के बाद 100 से अधिक पुलिस जवानों ने इन भूमाफियाओं के ठिकानों पर छापे भी डाले, जिनमें मनीषपुरी, विनय नगर, पलसीकर, हाथीपाला, पागनीसपागा, साकेत से लेकर भिचौली स्थित प्रगति विहार सहित अन्य ठिकाने शामिल रहे हैं, लेकिन पुलिस के हत्थे अभी मुकेश खत्री और एक अन्य ही चढ़ा है। बाकी भूमाफिया फरार हो गए। दरअसल, बीते तीन-चार दिनों से इन माफियाओं को भनक पड़ गई थी कि पुलिस-प्रशासन कोई बड़ी कार्रवाई कर सकता है।
दौर में भूमाफिया किस तरह पिछले कई सालों से सक्रिय रहे और गृह निर्माण संस्थाओं पर कब्जा कर भूखंड पीडि़तों की जमीनों पर कब्जा किया उसका खुलासा कलेक्टर मनीष सिंह और DIG मनीष कपुरिया ने प्रेस कान्फ्रेंस में करते हुए बताया कि किस तरह इन माफियाओं ने सुनियोजित तरीके से जमीनों की धोखाधड़ी कर हजारों लोगों के घर के सपने को चकनाचूर कर दिया। अपने आकाओं के जरिए अब तक बचे हुए इन भूमाफियाओं पर अब जाकर प्रशासन ने शिकंजा कसा। कलेक्टर मनीषसिंह , डीआईजी मनीष कपूरिया ने बताया कि इंदौर जिले में कुल 858 पंजीकृत गृह निर्माण सोसायटियों में से 128 संस्थाओं की शिकायतें जिला प्रशासन में प्राप्त होती रही हैं, लेकिन इनमें से 10 सोसायटी ऐसी हैं जिनकी 85 प्रतिशत शिकायतें है इनमें मजदूर पंचायत, देवी अहिल्या, जागृति गृह निर्माण, नवभारत गृह निर्माण, न्याय नगर, गीता गृह निर्माण, श्रीराम गृह निर्माण, जयहिंद एवं डाकतार गृह निर्माण समिति तथा कविता गृह निर्माण समिति शामिल है।
इन शिकायतों की जांच के दौरान मजदूर पंचायत संस्था की MR 10 स्थित पुष्प विहार कालोनी, देवी अहिल्या की एबी रोड स्थित अयोध्यापुरी एवं खजराना स्थित हिना पैलेस कालोनी के संबंध में जांच के दौरान पाया गया कि पुष्प विहार कालोनी के अधिकांश भूखंडधारियों को सोसायटी के 89 भूखंड जिनकी रजिस्ट्री सदस्यों के पक्ष में हो चुकी थी उस भूमि को कृषि भूमि बताते हुए बेच दिया गया। साथ ही प्राप्त राशि में से कुछ रकम नंदानगर साख संस्था के फर्जी खातों के जरिए हड़पी गई वहीं करीब डेढ़ करोड़ रुपया दीपक जैन उर्फ दिलीप सिसौदिया द्वारा नकद ले लिया गया। इस मामले में दिलीप सिसौदिया, उसके रिश्तेदार संस्था अध्यक्ष दीपेश कुमार वोहा, उपाध्यक्ष कमलेश जैन और प्रबंधक नसीम हेदर के साथ केशव नाचानी और ओमप्रकाश धनवानी के खिलाफ थाना खजराना में प्रकरण कायम कराया गया।
इसी तरह एबी रोड स्थित प्रेस काम्प्लेक्स से लगी अयोध्यापुरी की 16.7 एकड़ भूमि पर स्थित 369 भूखंड की रजिस्ट्री 2002 में कराए जाने के बावजूद संस्था के कर्ता धर्ता विमल लुहाडिय़ा एवं डमी अध्यक्ष रणवीरसिंह सूदन द्वारा पूर्व से सदस्यों को पंजीकृत हो चुके 96 भूखंड की 4 एकड़ भूमि की रजिस्ट्री मेसर्स सिम्प्लेक्स इंवेस्टमेंट एंड मेगा फाइनेंस प्रायवेट लिमिटेड के पक्ष में कृषि भूमि बताकर कर दी गई। इस कंपनी के कर्ता धर्ता पुष्पेन्द्र नीमा निवासी नरसिंह बाजार, दिलीप सिसौदिया 15 गिरधर नगर, दिलीप जैन विश्वकर्मा नगर, मुकेश खत्री विनय नगर एवं प्रतीक संघवी बिचौली मर्दाना हैं। बिना सरकारी विभाग की अनुमति के अवैध रूप से कराई गई रजिस्ट्री के उपरांत दीपक जैन द्वारा भूखंडधारियों को बुलाकर डराया-धमकाया जाने लगा। इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ थाना एमआईजी में प्रशासन द्वारा प्रकरण दर्ज कराया गया।



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