शुक्रवार, 18 दिसंबर 2020

मदन महल टर्मिनल का काम अटका; आधुनिक भवन, चौड़े प्लेटफॉर्म, एफओबी जैसे जरूरी काम आधे-अधूरे पड़े नजर आ रहे

मदन महल टर्मिनल का काम अटका; आधुनिक भवन, चौड़े प्लेटफॉर्म, एफओबी जैसे जरूरी काम आधे-अधूरे पड़े नजर आ रहे

मदन महल स्टेशन को 120 करोड़ रुपए की लागत से टर्मिनल बनाने की घोषणा के बाद ऐसा लग रहा था कि वर्ष 2021 तक शहर को टर्मिनल की सौगात मिल जाएगी, लेकिन फंड की कमी के कारण टर्मिनल का काम बीच में ही रुक गया है और आधे-अधूरे पड़े काम रेलवे के साथ यात्रियों के लिए मुसीबत का कारण बनते जा रहे हैं।

पिछले दो बजट में टर्मिनल के लिए मात्र 12 करोड़ रुपए मिले हैं, जिसके बाद पश्चिम मध्य रेल प्रशासन को समझ में ही नहीं आ रहा था कि ऊँट के मुँह में जीरे के बराबर धनराशि का उपयोग कहाँ और कैसे करें। मुट्ठी भर फंड से टर्मिनल की योजना का एक भी काम आगे नहीं बढ़ पाया और आज हालात ये हैं कि मदन महल रेलवे स्टेशन को टर्मिनल का रूप देने के लिए तोड़फोड़ के बाद न तो अभी तक आधुनिक भवन बनना शुरू हो पाया है और न ही रेलवे प्लेटफॉर्म की चौड़ाई बढ़ सकी है।

अभी तक फुट ओवर ब्रिज आकार नहीं ले पाया है, कछपुरा में कोचिंग डिपो बनाने की संभावना कहीं नजर नहीं आ रही है। फंड की कमी के कारण लॉकडाउन के पहले जैसा काम हुआ था, उसमें रत्ती भर भी सुधार नजर नहीं आ रहा है। फिलहाल प्लेटफॉर्म नं. 1 के कुछ हिस्सों को तोड़ कर उन्हें लंबा और चौड़ा किया जा रहा है, जिसके लिए मदन महल अंडरब्रिज को 1 मार्च तक बंद कर दिया गया है, जिससे यह स्पष्ट हो रहा है कि टर्मिनल के अन्य कामों में तेजी मार्च के बाद ही आ सकेगी।

सिर्फ प्लेटफॉर्म की लंबाई बढ़ी लेकिन दूसरे काम अधर में |रेलवे से जुड़े सूत्रों का कहना है कि टर्मिनल की योजना में अभी तक सिर्फ प्लेटफॉर्म नं. 2 की लंबाई को 575 मीटर से बढ़ाकर 700 मीटर किया गया है लेकिन प्लेटफॉर्म नं. 1 पर लूप लाइन, पुराने प्लेटफॉर्म की जगह नए प्लेटफॉर्म का निर्माण, तीनों प्लेटफॉर्म पर कवर शेड, अंडर ब्रिज को चौड़ा करना, लाइटिंग, ट्रेनों को पिट लाइन पर खड़ा करने की व्यवस्थाओं पर अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया है, जिसके पीछे फंड की कमी बताई जा रही है। अब टर्मिनल के लिए फंड कब और कैसे आएगा, इस बारे में रेलवे के अधिकारी कुछ कहने की हालत में नहीं हैं।

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मदन महल टर्मिनल का काम अटका; आधुनिक भवन, चौड़े प्लेटफॉर्म, एफओबी जैसे जरूरी काम आधे-अधूरे पड़े नजर आ रहे
Madan Mahal terminal work stuck; Necessary work like modern buildings, wide platforms, FOBs seem half-finished.



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