एक युवक ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट में एनआरसी का विरोध करते हुए स्टेटस डाला कि शाजापुर में भी शाहीनबाग बनेगा। पुलिस ने उसके खिलाफ आईटी एक्ट व प्रतिबंधात्मक कार्रवाई किए जाने पर केस दर्ज किया था। जमानत के लिए युवक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
जस्टिस वीरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने जमानत देते हुए शर्त रखी कि युवक तीन महीने तक सप्ताह में एक दिन सामाजिक कार्यकर्ता व वकील रश्मि पंडित से नैतिकता का पाठ पढ़ेगा। तीन महीने बाद कोर्ट को सूचित भी करना होगा।
जिला कोर्ट ने जेल भेज दिया था
अनवर ने जून में एनआरसी, सीएए का विरोध करते हुए सोशल मीडिया पर शाहीनबाग जैसा स्थायी प्रदर्शन करने के लिए अभियान चलाया था। पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर जिला कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया। उसकी जमानत अर्जी खारिज हो गई थी।
युवक ने अधिवक्ता मनीष यादव के जरिए हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दायर की। इसमें उल्लेख किया कि छह महीने से युवक जेल में है। चालान पेश होने के आसार नहीं दिख रहे, क्योंकि कोर्ट विशेष मामले ही सुन रही है। ऐसे में जमानत दी जाए।
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