गुरुवार, 3 दिसंबर 2020

ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत; स्वास्थ्यकर्मी चार माह बाद फिर संक्रमित, शहर का चौथा केस

ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत; स्वास्थ्यकर्मी चार माह बाद फिर संक्रमित, शहर का चौथा केस

शहर में एक ही व्यक्ति को चार महीने के अंतराल से दूसरी बार कोरोना होने का मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी देवेंद्र रघुवंशी (33) की रिपोर्ट दूसरी बार पॉजिटिव आई है। कुछ दिन पहले उनके बेटे को बुखार आया। चार दिन तक तबीयत नहीं सुधरी तो कोरोना जांच कराई। वह पॉजिटिव निकला। परिवार के सभी सदस्यों ने 29 नवंबर को टेस्ट कराए तो रघुवंशी भी संक्रमित मिले। हालांकि वे होम आइसोलेट ही हैं।

उन्हें पहली मर्तबा 26 जुलाई को कोरोना हुआ था। तब 10 दिन तक निजी अस्पताल में रहे। रिपोर्ट निगेटिव आई तो डिस्चार्ज हुए। रघुवंशी स्वास्थ्य विभाग में कोविड अस्पतालों के समन्वयक हैं। दूसरी बार कोरोना होने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। शहर में इससे पहले तीन और मरीज ऐसे सामने आ चुके हैं। वहीं बुधवार को शहर में 560 नए मरीज मिले, 4 की मौत हो गई।

दोबारा संक्रमित होने वालों में दो स्वास्थ्यकर्मी, एक कोविड ड्यूटी पर

केस-1 नंदानगर बीमा अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर पहली बार 16जून को संक्रमित हुईं। 19 सितंबर को आई रिपोर्ट में फिर संक्रमित हो गईं। तब वे गर्भवती थीं।

केस-2 नार्थ तोड़ा की 50 वर्षीय महिला 18 मई को पॉजिटिव हुईं। 14 दिन भर्ती रहीं। 12 जुलाई को फिर संक्रमित हुईं।

केस-3 न्यू पलासिया की महिला 29 सितंबर को दोबारा संक्रमित हुईं। इस बार ज्यादा इलाज की जरूरत पड़ी।

वजह: एंटीबॉडी नहीं बनी इसलिए फिर संक्रमित

सामान्यतः दो-तीन हफ्तों में कोविड इम्युनोग्लोबिन एंटीबॉडी बनने लगती है। डॉक्टर्स के मुताबिक, फिर संक्रमित होने का मतलब है कि ठीक होने के बाद मरीज में एंटीबॉडी नहीं बनी। यह भी हो सकता है कि एंटीबॉडी खत्म हो गई हो। इससे वायरस ने शरीर में दोबारा प्रवेश कर लिया।

मुश्किल: 30% लोगों में ही मिल रही एंटीबॉडी

एमजीएम मेडिकल काॅलेज के ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग प्रमुख डॉ. अशोक यादव कहते हैं कि अब एंटीबॉडी कम लोगों में मिल रही है। जितनी जांचें की जा रही हैं, उनमें 30 फीसदी तक एंटीबॉडी मिल रही है। जल्दी एंटीबॉडी क्यों खत्म हो रही है ऐसे सभी बिंदुओं पर विस्तृत अध्ययन जरूरी है।

रेसकोर्स रोड पर 36 की जांच की, सभी निगेटिव

निगम की गलत मुनादी के कारण दहशत में आए रेसकोर्स रोड की सिल्वर स्टड बिल्डिंग के रहवासियों के लिए राहत की खबर है। बुधवार को 36 लोगों का काेरोना टेस्ट किया गया, सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम से पहले विरोध की आशंका में सुबह पुलिस बल पहुंचा। इससे रहवासी नाराज हो गए व टेस्ट से इनकार कर दिया। डॉक्टर के समझाने पर लोग माने। रहवासी सुमित जैन के मुताबिक, शेष लोगों की जांच गुरुवार को होगी। दो दिन पहले निगम की टीम ने यहां 70 लोगों को संक्रमित बताया था पर बुधवार को जांच में एक भी नहीं निकला। पूर्व में यहां 4 मरीज मिल चुके हैं। सामने की बिल्डिंग में 4 मरीज मिले हैं।

एक और संकट आज हड़ताल पर रहेंगे 600 स्वास्थ्यकर्मी

उधर, जिले का कोविड ड्यूटी में लगे करीब 600 स्वास्थ्यकर्मी 3 दिसंबर काे हड़ताल पर रहेंगे। इनका कहना है कि पूरी ड्यूटी के बाद भी सरकार कर्मचारियों का अनुबंध घटा-बढ़ा रही है। नीति में बदलाव कर पूरे स्टाफ को अस्थायी से संविदा में संविलियन करे। खाली पड़े पदों पर भी भर्ती करे। मांगे नहीं मानने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।



ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत; स्वास्थ्यकर्मी चार माह बाद फिर संक्रमित, शहर का चौथा केस
तीन से छह महीने रहने वाली एंटीबॉडी, कई लोगों में बन ही नहीं रही




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