गुरुवार, 3 दिसंबर 2020

टेलरिंग का काम करता था बब्बू, घरों को पेंट करता था छब्बू, जमीन की हेराफेरी करते-करते ऐसे बन गए भूमाफिया

शहर के बड़े भूमाफिया और गुंडों के खिलाफ पुलिस-प्रशासन निगम के साथ मिलकर एंटी माफिया अभियान चला रही है। अभियान के तहत अब तक 10 से ज्यादा गुंडे- बदमाशों के मकान ध्वस्त किए जा चुके हैं। बुधवार को टीम ने दो बड़े भूमाफिया बब्बू और छब्बू के आलीशान तीन अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया। रोचक बात यह है कि भूमाफिया बनने से पहले बब्बू-छब्बू टेलर और पेंटर का काम करते थे। बब्बू उर्फ सुल्तान शेख मालवा मिल इलाके में शर्ट बनाने का काम करता था और छब्बू उर्फ शाबिर पेंटरी करता था।

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खजराना पुलिस ने पिछले साल प्लॉटों की धोखाधड़ी में बब्बू को गिरफ्तार किया था।

2015 में गुंडे शहजाद लाला हत्याकांड में नाम आने से पहले बब्बू और छब्बू मामूली बदमाश थे। उन्होंने खुद क्राइम से पीछे हटते हुए गुंडों से काम करवाना शुरू किया और अवैध कारोबार का साम्राज्य खड़ा कर लिया। बब्बू-छब्बू के सिंडीकेट में रसूखदार लोगों के साथ ही विभिन्न पार्टियों के नेता और कुछ पुलिस अफसरों के शामिल होने की भी बात कही जाती रही है।

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छब्बू के मकान को किया गय जमींदोज।

सहकारी साख संस्थाओं की सबसे ज्यादा जमीनें खजराना क्षेत्र में हैं। 90 के दशक में शहर के विकास व भविष्य को देखते हुए कई सहकारी साख संस्थाओं ने यहां पर जमीन खरीदी, लेकिन देखते ही देखते इन संस्थाओं पर भूमाफियाओं का कब्जा हो गया। जमीनों की कीमतों में कई गुना बढ़ोतरी होने से इन भूमाफियाओं की नीयत में खोट आ गई। संस्थाओं की जमीन उसके सदस्यों को ना देते हुए नए सदस्य बनाकर जमीन बेचने का खेल प्रारंभ हुआ।

बब्बू व छब्बू ने खजराना क्षेत्र में इन भूमाफियाओं की मदद से जमीन की जादूगरी का खेल शुरू किया। संस्था के संचालकों से सांठगांठ कर यहां की जमीन पर अपनी कॉलोनी बसाना शुरू कर दी है। इस जमीन से लगे दाऊदी नगर में भी संस्था की जमीन पर प्लॉट बेचे गए। न्याय नगर सहित कई संस्थाओं की जमीन पर अवैध कॉलोनी काटी गई।

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घर पर लटकी मिली महंगी झूमर।

टेबल लगाकर नोटरी पर बेच दी जमीन
संस्था की जमीन पर बदमाशों ने टेबल लगाकर नोटरी पर प्लॉट बेचे। प्लाॅटों की कीमत तय कर दी गई, जिसके पैसे आते ही भूमाफियाओं और प्लॉट बेचने वाले बदमाश आपस में पैसा बांट लेते। प्लॉट का पैसा आने पर भूमाफिया चूने की रंगत डालकर खरीदार का कब्जा भी दे देते थे, जिस पर तुरंत मकान बनाने की शर्त होती थी। सस्ते में प्लॉट मिलने पर लोगों ने भी तुरंत मकान बना लिए। जमीन का यह अवैध धंधा इतना फला-फूला कि जिन बदमाशों के पास खाना खाने तक के पैसे नहीं रहते थे अब उनके पास गाड़ी और बंगला आ गया। बब्बू-छब्बू भी इसी खेल से इतने फले-फूले की टेलरिंग और पेंटर से सीधे बंगले और हाईटेक सुरक्षा में रहने लगे। शहर के अलावा अलावा प्रतापगढ़, राजस्थान, रतलाम, मंदसौर में भी इन्होंने जमीनों में निवेश किया।

50 इलेक्ट्रिक बाइक ग्राउंड में खड़ी नजर आई थीं
एक साल पहले जब टीम ने बब्बू के पटेल नगर स्थित फार्म हाउस पर दबिश देकर अवैध निर्माण को ढहाया था, तब यहां पर 50 नई इलेक्ट्रिक बाइक ग्राउंड में खड़ी नजर आई थीं। कार्रवाई के दौरान बब्बू की पत्नी ने निगम अधिकारियों से विवाद किया था। उसने कहा कि पूरा घर सामान से भरा हुआ है। उसे निकालने के लिए टाइम दो। पहले नोटिस दो फिर कार्रवाई करना। इस पर निगम अधिकारियों ने कहा कि हम सामान निकलवा देते हैं।



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निगम की टीम ने बब्बू के तीन मंजिला मकान पर चलाया बुलडोजर।

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