किसान सम्मेलन को लेकर क्षेत्र का प्रशासन पूरी तरह लापरवाह दिखाई दिया। पूरे प्रशासन की निगाह सिर्फ नगर में
मुख्य कार्यक्रम पर ही केन्द्रित
रही, जबकि किसानों के मुख्य केन्द्र कई पंचायतों में प्रबंधन लाइव प्रसारण ही नहीं करवा सका।
अधिकांश पंचायत भवनों और ई-कक्षों का ताला तक नहीं खुला। भास्कर की टीम ने सीएम और पीएम के वक्तव्य के लाइव प्रसारण के समय नगर और गांव का जायजा लिया तो किसान बहुत दूर दिखाई दिए।
मुख्य कार्यक्रम में ही खाली पड़ी रहीं कुर्सियां
दोपहर 1 से 1.20 बजे - : कृषि मंडी परिसर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष जितेन्द्र बघेल और भाजपा नेताओं के साथ ही एसडीएम अंजली शाह और दोनों तहसीलदार मंच पर बैठे थे। मंच के नीचे मां सरस्वती की तस्वीर स्थापित थी जो चर्चा का विषय बना रहा। जनपद सीईओ, नायब तहसीलदार मौजूद थे, यानि कलेक्टर के निर्देेशानुसार जिन अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्र का भ्रमण करना चाहिए था, वे सभी इस कार्यक्रम में कुर्सियों पर मौजूद थे। कृषि मंडी होने के बावजूद अधिकतर कुर्सियां खाली थीं। इन्हें कर्मचारी भी नहीं भर सके।
साकलोन पंचायत का ताला भी नहीं खुला
दोपहर 1.45 बजे: इमलानी रोड पर ग्राम पंचायत साकलोन में पंचायत भवन और ई-कक्ष पर ताला डला हुआ था। ग्रामीण बलवीर यादव ने बताया कि ताला खोलने कोई नहीं आया, न कोई कार्यक्रम हुआ। दोपहर 2.07 बजे- सहायक सचिव बोले-कार्यक्रम हो गया
स्कूल भवन के बाहर शिक्षक और पंचायत के सहायक सचिव बैठे हुए थे। हमने पूछा कार्यक्रम कहां हो रहा है। सचिव सोनू यादव बोले कार्यक्रम खत्म हो गया है।
एसडीएम बोलीं- जिम्मेदारों पर कार्रवाई करेंगे:मैंने जनपद सीईओ से चर्चा की थी तो उन्होंने बताया था कि सभी जगह कार्यक्रम हो रहे हैं। यदि कहीं नहीं हुआ है तो हम जिम्मेदारों पर कार्रवाई करेंगे।
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