शुक्रवार, 18 दिसंबर 2020

10वीं-12वीं की कक्षाएँ फुल टाइम 9वीं और 11वीं का अलग सिस्टम

10वीं-12वीं की कक्षाएँ फुल टाइम 9वीं और 11वीं का अलग सिस्टम

शहर के स्कूलों में शुक्रवार से कक्षा 10वीं और 12वीं की नियमित कक्षाएँ शुरू होने जा रही हैं। इसके लिए शासकीय और अशासकीय स्कूलों में तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। स्कूलों में एन्ट्री से पहले न सिर्फ छात्रों की थर्मल स्कैनिंग होगी, बल्कि हाथ सेनिटाइज करने के बाद ही उनको परिसर में प्रवेश दिया जाएगा।

स्कूलों में 10वीं और 12वीं की कक्षाएँ लगाने से पहले बुधवार को सभी स्कूलों की साफ-सफाई करने के बाद गुरुवार को वहाँ की सभी कक्षाओं का सेनिटाइजेशन कराया गया। कोरोना काल में प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए निर्णय को अमल में लाने सभी स्कूलों ने जरूरी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं।

चुनौती से कम नहीं है मॉनीटरिंग
10वीं और 12वीं की नियमित कक्षाएँ शासकीय के साथ-साथ निजी स्कूलों में भी खुलेंगी। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि निजी स्कूलों में सरकार द्वारा जारी निर्देशों का पालन सही ढंग से हो पा रहा या नहीं, इसकी मॉनीटरिंग कैसे की जाएगी। शहर के कई निजी स्कूलों का क्षेत्रफल काफी बड़ा है और वहाँ पर एक ही क्लास के कई सेक्शन हैं, जिनमें पढ़ने वाले छात्रों की संख्या सैकड़ों में है। ऐसे में निजी स्कूलों में मॉनीटरिंग करना किसी चुनौती से कम नहीं होगा।

एमएलबी स्कूल: एहतियात बरती जाएगी
प्राचार्य प्रभा मिश्रा के अनुसार कक्षा 10वीं में 200 और 12वीं में कुल 250 छात्राएँ हैं। अभी तक सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक दोनों कक्षाएँ कम उपस्थिति के साथ लग रहीं थीं। अब शुक्रवार से दोनों क्लासें शत प्रतिशत उपस्थिति के साथ 11 से शाम 4:30 बजे तक लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं 9वीं व 11वीं की कक्षाएँ दोपहर 2 से शाम 4 बजे तक लगेंगी। शासन के आदेश के बाद स्कूल परिसर में सेनिटाइजेशन का काम पूरा करा लिया गया है। स्कूल में प्रवेश से पहले थर्मल स्क्रीनिंग और सेनिटाइजर से हाथ साफ करने को अनिवार्य किया गया है।

मॉडल स्कूल: होगी सोशल डिस्टेंसिंग
प्राचार्य वीणा बाजपेयी के अनुसार वैसे तो स्कूल में कक्षाएँ पहले से संचालित हो रहीं, लेकिन शुक्रवार से कक्षा 10वीं और 12वीं की कक्षाओं के छात्रों को पारियों में बुलाया जाएगा, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके। 10वीं के 241 छात्रों और 12वीं के 285 में से 20-20 छात्रों को एक दिन छोड़कर बुलाया जाएगा। इसी तरह 9वीं के 242 और 11वीं के 482 छात्रों के अभिभावकों की सहमति पर ही स्कूल बुलाया जाएगा। नियमित कक्षाओं के हर पीरियड के बाद सभी क्लासों को सेनिटाइज करने की योजना बनाई गई है।

मैं खुद जाऊँगा निरीक्षण करने
सभी प्राचार्य अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को भली-भांति समझकर छात्रों के हित में कार्य करें। स्कूलों में कक्षाओं की हकीकत जानने टीमें गठित की गई हैं। मैं खुद भी वहाँ की हकीकत का पता लगाने जाऊँगा।
- घनश्याम सोनी, प्रभारी डीईओ

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10वीं-12वीं की कक्षाएँ फुल टाइम 9वीं और 11वीं का अलग सिस्टम
10th-12th classes full time 9th and 11th system separately




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