अनाज मंडी में उपज बेचने के बाद किसानों को 2 लाख रुपए तक का नकद भुगतान होना चाहिए, लेकिन मंडी के व्यापारी किसानों को आरटीजीएस से भुगतान कर रहे हैं। इससे किसानों को परेशानी हो रही है। गुरुवार को किसान संगठन ने मंडी सचिव राजेश द्विवेदी को ज्ञापन सौंपकर व्यवस्था सुधारने की मांग की है।
मंडी बोर्ड अनुसार कोई किसान मंडी में अपनी उपज बेचता है तो उसे दो लाख तक का नकद भुगतान किया जाना चाहिए। लेकिन इसके विरुद्ध व्यापारी उसी दिन वह राशि किसान को न देकर 4 से 5 दिन में आरटीजीएस के माध्यम से दे रहे हैं। दीपावली जैसा त्योहार पर किसानों को नकदी की जरूरत है क्योंकि इस समय रबी फसल की बोवनी चल रही है, जिसमें खाद, बीज, कीटनाशक, डीजल की आवश्यकता होती है।
ऐसे में उन्हें रुपए ए नहीं मिलने से परेशानी उठाना पड़ रही है। भारतीय किसान एवं मजदूर सेना के प्रदेश अध्यक्ष बबलू जाधव ने कहा पहले भी हमने नकद भुगतान को लेकर अधिकारियों को अवगत करवाया था, लेकिन मंडी प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा। व्यापारी 4 से 5 दिन तक किसानों के खाते में रुपए नहीं डालते। इंदौर को छोड़कर अन्य मंडियों में नकद भुगतान मिल रहा है।
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