विधानसभा उपचुनाव के लिए सरकारी अस्पतालाें में पदस्थ 125 डॉक्टरों की ड्यूटी लगाने का असर साेमवार काे मरीजाें की परेशानी के रूप में सामने आया। जिला अस्पताल मुरार में काेरोना सैंपलिंग हुई और फीवर क्लीनिक में भी कोविड टीम के डॉक्टर बैठे, लेकिन डायबिटीज जैसी जांच की व्यवस्था नहीं थी।
खुरैरी गांव की निवासी सरोज खान घबराहट होने पर दोपहर करीब ढाई बजे डॉक्टर को दिखाने पहुंची। डॉक्टर ने उनसे डायबिटीज की जांच कराने के लिए कहा। सरोज ने बताया कि जब वह जांच कराने पहुंची तो वहां मौजूद स्टाफ ने यह कहकर लौटा दिया कि डॉक्टर साहब व अन्य स्टाफ चुनाव ड्यूटी में हैं इसलिए दो दिन बाद आना, नहीं तो जेएएच जाकर दिखा लो।
शब्द प्रताप आश्रम: नर्सिंग व पैरा मेडिकल स्टाफ के भरोसे मरीज
यहां के डॉक्टर चुनाव ड्यूटी पर हैं। लिहाजा यहां सुबह 10:30 बजे से 10:45 बजे तक कोई भी डॉक्टर नहीं आया था। यहां नर्सिंग व पैरा मेडिकल स्टाफ मरीज को देखने के लिए बैठा था। वहीं जनकगंज डिस्पेंसरी की ओपीडी वाला गेट बंद था। गेट के अंदर से कर्मचारी पर्चा बना रहा था। यहां दोपहर 12:20 बजे तक 66 मरीज पर्चे बनवा चुके थे। इनमें से 50 मरीजों के सैंपल कोरोना की जांच के लिए हो चुके थे।
जेएएच की ओपीडी में मरीज बढ़े: सोमवार को जेएएच की ओपीडी 1723 रही। शनिवार जेएएच की ओपीडी 754 की थी। मंगलवार को भी ओपीडी में मरीज बढ़ने की संभावना बताई जा रही है।
फालका बाजार डिस्पेंसरी: यहां मरीज के लक्षण के आधार पर दवा दी जा रही थी। मरीज डॉक्टर की पूछता तो उसे कहा जाता कि परसों दिखाने आना।
थाटीपुर डिस्पेंसरी: यहां दोपहर 1:50 बजे लंच के दौरान डॉक्टर नहीं थे लेकिन कर्मचारी थे। दवा वितरण केंद्र की खिड़की भी खुली थी। दोपहर 3 बजे डॉक्टर दो मरीजों को देख रहे थे। यहां दवा वितरण केंद्र की खिड़की बंद थी।
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