सोमवार, 16 नवंबर 2020

तेज रफ्तार कार गौरी की बाउंड्री तोड़कर तालाब में गिरी, वकील ने कूदकर चालक को बचाया

तेज रफ्तार कार गौरी की बाउंड्री तोड़कर तालाब में गिरी, वकील ने कूदकर चालक को बचाया

रविवार की दोपहर 1.40 बजे तेज रफ्तार कार गौरी किनारे की बाउंड्रीवाल, रेलिंग तोड़कर तालाब में गिर गई। हालांकि स्थानीय लोगों की सर्तकता के चलते कार चला रहे युवक को बचा लिया गया। लेकिन कार तालाब में डूब गई। घटना की जानकारी मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। लेकिन क्रेन न पहुंचने की वजह से कार तालाब में ही डली रही।

बताया जा रहा है कि हाट बाजार, किला रोड निवासी रितिक उर्फ पिंकू (20) पुत्र प्रमोद उर्फ मुन्ना जैन रविवार की दोपहर करीब 1.40 बजे कार लेकर अपने घर से गौरी किनारे होते हुए हाउसिंग कॉलोनी की ओर जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो कार काफी स्पीड में थी।

वह जैसे ही गौरी किनारे गऊघाट मोड पर पहुंची कि तभी उसका संतुलन बिगड़ गया और बाउंड्री से छलांग लगाते हुए रेलिंग तोड़कर तालाब में करीब 60 फीट दूर गिरी। हालांकि गौरी किनारे पूजा के लिए फूल तोड़ रहे एडवोकेट महेश मिश्रा की नजर जैसे ही कार पर गिरी तो उन्होंने तालाब में छलांग लगा दी। वहीं अन्य लोग भी रस्सा लेकर दौड़े और किसी तरह से पिंकू को बचा लिया गया।

साढ़े 3 मिनट में पूरी डूब गई कार
कार गौरी सरोवर में गिरते ही तैरने लगी। फिर आगे (इंजन) की ओर से वह पानी में डूबना शुरू हुई। जैसे ही पिंकू बाहर निकला वैसे ही कार का अगला हिस्सा पानी डूबना शुरु हुआ। करीब 3.5 मिनट कार पूरी तरह से पानी में डूब गई। वहीं लोगों ने डूबती हुई कार के अपने मोबाइल से वीडियो भी बनाए।

तेज रफ्तार से गाड़ी चलाता है रितिक
स्थानीय लोगों की मानें तो रितिक काफी तेज गाड़ी चलाने का आदि है। उसे स्थानीय लोगों द्वारा कई बार तेज रफ्तार में गाड़ी चलाने को लेकर टोका भी गया था। रविवार को भी वह अपने किसी दोस्त की कार लेकर गौरी किनारे से गुजर रहा था। वहीं स्पीड काफी अधिक होने कारण वह गौरी में जा गिरी।

एडवोकेट के बाहर आते ही भावुक हो गईं उनकी बहन
55 वर्षीय एडवोकेट मिश्रा के एक युवक की जान की खातिर गौरी सरोवर में अचानक छलांग लगा दिए जाने के बाद उनके परिवार के लोगों की धड़कनें रुक गईं। जब वे गौरी से बाहर निकले तब नके पड़ोस में रहने वाली बहन उर्मिला मिश्रा (70) भावुक होकर एडवोकेट से लिपट गई।

डूबते युवक को रस्सा पकड़ाया तो उसने मुझे ही पकड़ लिया, शुक्र है..बुजुर्गों का अनुभव काम आया
आज दोपहर करीब 1 बजकर 40 मिनट की बात होगी। एक तेज रफ्तार स्विफ्ट कार अचानक गौरी किनारे की रेलिंग तोड़कर पानी में गिर गई। मैं उस वक्त गोवर्धन पूजा के लिए फूल तोड़ रहा था। गाड़ी के बाउंड्रीवाल से टकराने की आवाज सुनकर जब मैंने देखा तो एक पल को लगा कि गाड़ी रेलिंग से टकराकर रुक जाएगी। लेकिन उसे तोड़कर पानी में गिर गई।

मैंने देख लिया था कि गाड़ी में सिर्फ एक व्यक्ति है। इसलिए मैंने दौड़कर गौरी किनारे पहुंचकर आवाज लगाई और कि पीछे की ओर बाहर निकलकर पानी में कूद जाओ। वहीं मैं भी उसे बचाने के लिए पानी में कूद गया। आस पड़ोस के लोग भी आ गए और उन्होंने भी रस्सा फेंका। मैं जैसे ही पानी में तैरकर युवक के पास पहुंचा और उसे रस्सा पकड़ाया तो उसने वह छोड़ दिया और मेरे ऊपर सवार हो गया, जिससे मुझे भी पानी में गोते लग गए।

कुछ सेकंड के लिए तो मुझे भी लगा कि मेरी जान संकट में फंस गई। लेकिन कुछ बुजुर्गों से सुनकर रखा था कि ऐसी स्थिति में डुबकी लगा लेना चाहिए तो मैंने डुबकी लगाई और जैसे ही ऊपर आया फिर उसने मेरा जनेऊ पकड़ लिया। ऐसे में मैंने एक हाथ से खुद रस्सा पकड़ा और दूसरे हाथ से युवक को पकड़कर किनारे तक लाया ।
- जैसा कि रितिक को बचाने वाले एडवोकेट महेश कुमार मिश्रा ने बताया।


गोरी सरोवर में किनारे से 60 फीट दूर डूबती कार।




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