मंगलवार, 17 नवंबर 2020

अधिकारी-कर्मचारी दफ्तर बंद कर घर चले गए

अधिकारी-कर्मचारी दफ्तर बंद कर घर चले गए

दीपावली, भाईदूज के चलते मंडी में 18 नवंबर तक नीलामी की छुट्टी रहेगी। इस दरमियान ऑफिस चालू रहना है और अधिकारी और कर्मचारियों को आना है ताकि किसी किसान को कोई परेशानी हो तो उनकी समस्या का हल तुरंत हो सकें। लेकिन सोमवार को मंडी सचिव सहित अन्य कर्मचारियों ने बगैर किसी आदेश के छुट्‌टी रख ली।

यही नहीं दोपहर में ही दफ्तर का ताला लगाकर घर चले गए। जब मौके से अधिकारियों को फोन लगाया तो किसी ने बताया मैं खाना खाने आया हूं तो कोई बोला में चाय नाश्ता करने आया है। मंडी में एक दो नहीं बल्कि मंडी सचिव अन्य स्टाफ मिलाकर 18 कर्मचारी है। लेकिन एक भी ऑफिस में नहीं मिला।
मंडी के ये विभाग रहे बंद
मंडी सचिव, सहायक सचिव, लेखा शाखा, स्थापना का काम, लाइसेंस और मंडी शुल्क विभाग, आवक जावक, निर्माण शाखा, स्टोर रूम, कम्प्यूटर कक्ष। इन सभी को मिलाकर 20 लोगों स्टाफ है। लेकिन कोई भी मंडी में नहीं आया।
मैं थोड़ी देर पहले ही आया हूं
मंडी सचिव एमएल बारसे ने बताया भाईदूज के कारण व्यापार बंद है। मंडी में नीलामी नहीं थी। इससे सभी काफी देर तक बैठे थे। मैं थोड़ी देर पहले ही खाना खाने आया हूं। थोड़ी देर में पहुंच जाऊंगा। ताला लगने की बात कही तो बोले लड़के कही चले गए होंगे।
मैं मामला दिखवाता हूं
एसडीएम एवं मंडी के भार साधक अधिकारी अभिषेक गेहलोत ने बताया मंडी में नीलामी कार्य बंद है। ऑफिस चालू रहना है। मंडी में स्टाफ नहीं आया है और कार्यालय पर ताला लगा है। इसकी जानकारी नहीं है। मैं मामला दिखवाता हूं।
मैं चाय-नाश्ता करने आ गया हूं
मंडी के प्रांगण प्रभारी रूमानसिंह ने बताया मैं ऑफिस में था। लेकिन चाय नाश्ता करने आ गया हूं। वापस मंडी जाऊंगा।

ग्रामीण विधायक की नाराजगी के बाद भी लापरवाही बरकरार

यह पहला मौका नहीं है जब मंडी के अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है। एक सप्ताह पहले ग्रामीण विधायक दिलीप मकवाना ने सालाखेड़ी पर मंडी से निकला बगैर अनुज्ञा का ट्रक पकड़ा था। उस दौरान भी उन्होंने मंडी सचिव पर गंभीर आरोप लगाए थे और कहा था कि मंडी सचिव की लापरवाही से ऐसा हो रहा है। इसके बाद जिला प्रशासन मंडी सचिव के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मंडी बोर्ड को भी पत्र लिख चुका है। मंडी प्रशासन ने बोर्ड को मंडी सचिव के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए लिखा है। वहीं इसके पहले मंडी परिसर में उपज बेचने के बाद भी किसानों को भुगतान नहीं करने का मामला सामने आ चुका है। श्री कृष्णा ट्रेडिंग फर्म के व्यापारी पुरुषोत्तम पाटीदार ने 16 से ज्यादा किसानों को 10 लाख रुपए से ज्यादा का भुगतान नहीं किया था। इसके बाद किसानों ने मंडी प्रशासन को शिकायत की थी। इसमें बताया कि मंडी में माल बेचने के बाद भी हमें 15 दिन से ज्यादा समय हो गया है। अब तक भुगतान नहीं मिला है। जबकि सेम डे भुगतान होना चाहिए। इस पर मंडी प्रशासन की आंखें खुली और फिर ताबड़तोड़ में मंडी प्रशासन किसानों को भुगतान जमा कराने में जुटा।

शाम चार बजे ऑफिस पहुंचे मंडी सचिव : भास्कर ने जब मंडी सचिव को उनका पक्ष जानने के लिए फोन लगाया तो बोला खाना खाने आया हूं। इसके बाद शाम चार बजे मंडी सचिव ऑफिस पहुंचे।



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दोपहर में मंडी दफ्तर में लगा ताला।


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