सोमवार, 23 नवंबर 2020

भोपाल में आज 301 नए केस, एक की मौत; चार दिन से हर रोज 300 से पार नए मामले


भोपाल में आज 301 नए केस, एक की मौत; चार दिन से हर रोज 300 से पार नए मामले

मध्य प्रदेश में कोरोना के हर रोज बढ़ते मामलों को लेकर सरकार ने गंभीरता दिखाई है। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के पांच जिलों में नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है। रविवार को सीएम शिवराज सिंह चौहान ने क्राइसिस मैनेजमेंट की रिपोर्ट पर मंथन किया। इसमें सामने आया है कि भोपाल समेत प्रदेश के 9 जिलों में संक्रमण सबसे ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है। इसलिए उन्होंने कलेक्टर को क्राइसिस मैनेजमेंट के फैसले लागू करने के निर्देश दिए हैं।

इधर, राजधानी में बीते चार दिन से हर रोज तीन सौ ज्यादा केस आ रहे हैं। 22 नवंबर यानि रविवार को 301 नए कोरोना केस आए हैं। जबकि एक की मौत हुई है। कोरोना की जंग जीतकर घर जाने वालों में 221 लोग शामिल हैं। अब तक भोपाल में कोरोना से 531 लोगों के मरने की पुष्टि हो चुकी है। वहीं ठीक कोरोना केस बढ़ककर 26 हजार 636 हो गए हैं। हालांकि इस दौरान मौत के आंकड़े बेहद कम रहे हैं। सितंबर तक हर रोज औसतन 3-4 मरीज होते थे, वहीं अब एक से दो मरीजों की ही मौत हो रही है।

सर्दी का असर समझकर जांच कराने में देरी कर रहे हैं लोग
गांधी मेडिकल कॉलेज के पल्मोनरी डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ. लोकेन्द्र दवे की मानें तो पहले लोग बुखार आने या किसी और तरह की परेशानी होने पर तत्काल जांच करा रहे थे। लेकिन, पिछले कुछ दिनों में सर्दी बढ़ने के बाद से लोग जांच कराने में ज्यादा समय ले रहे हैं। मौसम का असर समझकर या तो अनदेखा कर रहे हैं और अपने स्तर पर ही दवाएं ले रहे हैं।

यही वजह है कि जब तक मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं उनमें संक्रमण फैल चुका होता है। 2-3 दिन बाद तबियत नहीं सुधरने पर मरीज कोरोना जांच कराने पहुंचता है। पॉजिटिव आने पर ही अस्पताल पहुंच रहे हैं। इस देरी से ही मरीजों को ठीक होने में ज्यादा समय लग रहा है।

जेपी अस्पताल के कोविड इंचार्ज डॉ. योगेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि सर्दी बढ़ने से वायरस का संक्रमण बढ़ रहा है और लोग इसे हल्के में ले रहे हैं। दूसरा, बाजारों में हाल में बढ़ी भीड़ ने कोरोना को बढ़ाने में बड़ा योगदान दिया है। लोगों को खुद से ही सतर्कता अपनानी होगी, तभी कोविड को नियंत्रित किया जा सकता है।

तीन महीने में 150-200 से कम केस आए ही नहीं
राजधानी में सितंबर से लेकर नवंबर तक तीन महीने में किसी भी दिन कोरोना के 150-200 से कम केस आए ही नहीं हैं। 1 सितंबर को 199 केस, 15 सितंबर को 215, 30 सितंबर को 278, 15 अक्टूबर को 181, 31 अक्टूबर को 134 और 15 नवंबर को 237 नए मामले भोपाल में आए थे। हालांकि इस दौरान राहत वाली बात ये रही कि कोरोना की मृत्युदर 0.5 से 1% ही रही। जबकि रिकवरी रेट 80 फीसदी से ज्यादा रहा है

भोपाल में 4 दिन से बढ़े कोरोना केस

तारीख नए मामले रिकवर
19 नवंबर 425 212
20 नवंबर 311 221
21 नवंबर 313 240
22 नवंबर 301 221


तस्वीर शनिवार की जेपी अस्पताल के फीवर क्लीनिक की है, जहां पर सन्नाटा है। फीवर क्लीनिक में कोरोना की जांच और दवाइयां दी जाती हैं।




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