केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि कानूनों के खिलाफ वीरवार को देश की सभी किसान जत्थेबंदियों की ओर से प्रदर्शन किए जाएंगे। पंजाब में 100 से ज्यादा स्थानों पर राष्ट्रीय व स्टेट हाईवे जाम किए जाने की तैयारी किसान संगठनों की कर ली है। भाकियू एकता उगराहां के पंजाब प्रधान जोगिंदर सिंह उगराहां और प्रदेश महासचिव सुखदेव सिंह कोकरी कलां ने बताया,भाकियू उगराहां की ओर से पंजाब के 14 जिलों में 35 स्थानों पर बड़ी तादाद में नौजवानों और महिलाओं के बड़े जलसे कर हाईवे जाम किए जाएंगे।
किसान नेताओं ने कहा कि सूबा सरकार की ओर से दिल्ली में धरना लगाने पर भी केंद्र सरकार ने पंजाब की बात नहीं सुनी। जिसका किसान संगठनों को दुख एवं रोष है। उन्होंने कहा, केंद्र मालगाड़ियों को नहीं चलाने के पीछे स्टेशनों पर किसानों के धरनेे की बात कर रहा है। इसलिए अब किसान अपने मोर्चों कोे स्टेशन से पीछे हटा कर स्टेशनों पर बने पार्कों में शिफ्ट करेंगे। ताकि केंद्र के पास कोई बहाना नहीं बचे।
इधर, राहत...
28 जत्थेबंदियां बोलीं-20 नवंबर तक नहीं रोकेंगे मालगाड़ियां
किसान संगठनों के रेल राेकाे अांदाेलन से जरूरी सामान की ढुलाई ठप है। बुधवार काे चंडीगढ़ में हुई 28 किसान जत्थेबंदियाें की मीटिंग में फैसला लिया गया कि 20 नवंबर तक मालगाड़ियाें को नहीं रोका जाएगा। जम्हूरी किसान सभा के महासचिव कुलवंत सिंह संधू ने कहा, केंद्र सरकार का रवैया किसान व पंजाब विराेधी है। खाद, यूरिया, काेयला, हाेजरी व अन्य सामान की सप्लाई के लिए 20 नवंबर तक मालगाड़ियां नहीं राेकने का फैसला किया गया है। टाेल प्लाजा, बड़े भाजपा नेताओं व कार्पाेरेट घरानाें के खिलाफ प्रदर्शन जारी रहेगा। यात्री गाड़ियाें पर फैसला नहीं लिया गया है। वहीं, भाकियू (एकता उगराहां) राजपुरा और मानसा और किसान मजदूर संघर्ष कमेटी अमृतसर में ट्रैक पर धरना दे रही है।
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