शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2020

मोबाइल कवरेज नहीं मिलने पर बार-बार डिसकनेक्ट हुए ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी, पहले दिन कम ही जुड़ सके

मोबाइल कवरेज नहीं मिलने पर बार-बार डिसकनेक्ट हुए ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी, पहले दिन कम ही जुड़ सके

कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण सरकार ने स्कूलों के बाद अब काॅलेज के विद्यार्थियों की पढ़ाई शुरू करने के लिए ऑनलाइन कक्षा लगाने का रास्ता निकला है। यह सरकार का एक अच्छा कदम है लेकिन हालत ऐसे है कि ऐसे बहुत से क्षेत्र है। जहां नेट की सुविधा नहीं है। ऑनलाइन कक्षा के पहले दिन गूगल मिट के माध्यम से 367 काॅलेज के विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ाई के लिए जुड़े लेकिन कवरेज नहीं मिलने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थी बार-बार डिस कनेक्ट हो रहे थे। इससे विद्यार्थी सही से प्रोफेसरों की बात समझ नहीं पाए तो अधिकतर विद्यार्थियों को तो इसके बारे में जानकारी ही नहीं मिल पाई। कुछ विद्यार्थी स्मार्ट फोन नहीं होने के कारण पढ़ाई नहीं कर पाए।
संस्था प्राचार्य डॉ. मंगला ठाकुर के निर्देश पर ऑनलाइन कक्षा प्रभारी डॉ. अरविंद श्रीवास्तव को बनाया गया है। अलग-अलग संकाय के विद्यार्थियों ने कक्ष में बैठ कर अपने मोबाइल से ऑनलाइन पढ़ाई कराई गई। पहले दिन कम विद्यार्थी जुड़े। ऑनलाइन प्रभारी श्रीवास्तव ने बताया गूगल मिट के माध्यम से विद्यार्थियों को जोड़ा गया है। जिसकी विस्तार से जानकारी महाविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

610 सीट पर 1000 ने जमा किए आवेदन
स्थानीय महाविद्यालय में स्नातक व स्नातकोत्तर के लिए 610 सीट पर 1 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने ऑनलाइन आवेदन भरा है। सीएलसी राउंड के पहले चरण की प्रवेश प्रक्रिया हो चुकी है। गुरुवार को यूजी की दूसरी लिस्ट जारी हुई। जिसमें 132 विद्यार्थियों के नाम लिस्ट में आए है। सुबह 11 बजे महाविद्यालय ने सूची बोर्ड पर चस्पा कर दी थी। सूची देखने के लिए विद्यार्थियों की भीड़ जमा हुई। विद्यार्थी सूची में अपना नाम देख कर फीस जमा करने के लिए कम्प्यूटर सेंटर पहुंच रहे थे। पहले राउंड यूजी (स्नातक) में 280 व पीजी (स्नातकोत्तर) में 54 विद्यार्थियों का प्रवेश हो चुका है।
7 अक्टूबर तक रोजाना अपडेट होगा पोर्टल
मेरिट लिस्ट में नाम आने वाले विद्यार्थी को 23 घंटे में शुल्क ऑनलाइन जमा करना होता है। यदि फीस जमा नहीं कि तो विद्यार्थी का नाम शासन द्वारा विलोपित (डिलीट) करके लिस्ट में शेष बचे विद्यार्थियों को अलॉटमेंट हो जाएगी। यह पोर्टल 7 अक्टूबर तक प्रतिदिन अपडेट होगा। विद्यार्थी समय पर फीस ऑनलाइन जमा नहीं कर सका तो इसकी जिम्मेदारी विद्यार्थी की होगी। एडमिशन प्रभारी डॉ. एमआर महाले ने बताया उच्च शिक्षा विभाग द्वारा मेरिट लिस्ट का ऑप्शन वेबसाइट पर दिया गया है। इसके साथ ही दूसरी मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों को विभाग द्वारा मैसेज भी भेजा गया है।

यूजी के पहले चरण में 280 सीटों पर हुए थे एडमिशन
स्थानीय महाविद्यालय में यूजी की 460 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया हो रही है। पहले चरण में 280 सीटों पर विद्यार्थियों ने फीस जमा कर प्रवेश लिया था। ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया के बाद यूजी व पीजी की रिक्त सीटों के लिए 2 चरणों में सीएलसी प्रक्रिया होगी। सीएलसी में यूजी का दूसरा चरण 22 सितंबर से शुरू हुआ था। गुरुवार को दूसरे चरण की मेरिट लिस्ट जारी हुई। पीजी का सीएलसी राउंड का दूसरा राउंड 7 अक्टूबर को शुरू होगा।
कॉलेज में 610 सीटों पर होना है प्रवेश
एडमिशन प्रभारी डॉ. एमआर महाले ने बताया यूजी की कॉलेज में बीए की 190, बीकॉम की 150 और बीएससी की 120 सीटों पर प्रवेश होना है। बीकॉम में 93, बीए में 126, बीएससी में 61 सीटें हैं। एमए में 30, एमए राजनीति में 30, एम काम में 30, एमएसडब्लू में 60 सीट है।

चार विद्यालयों को भेंट की स्मार्ट टीवी, सोशल ग्रुप बनाकर लिया जनसहयोग

भास्कर संवाददाता | नांद्रा
शिक्षा के प्रति समर्पण भाव से कार्य करने वाले तहसील के पांच प्रभारी प्राचार्यों ललित भालसे, हिम्मत सिंह सिटोले, विनोद पाटीदार, महेंद्र जमरे व संतोष पंवार ने स्कूलों को स्मार्ट बनाकर, बच्चों मे डिजीटल शिक्षा को बढावा देकर स्कूलों की तस्वीर बदलने का मन बनाया। इस कार्य में बीईओ अखिलेश पारे व करही के संकुल प्राचार्य अजय धुले की प्रेरणा से प्राचार्य ललित भालसे ने सोशल मीडिया पर ग्रुप बनाकर सतत 100 शैक्षिक व सामाजिक के नाम से ग्रुप बनाकर लोगों को जोड़ा। सितंबर माह में प्रत्येक व्यक्ति से 100 की सहयोग राशि लेकर एकत्रित की। जिससे तहसील की चार स्कूलों में स्कूलों के सहयोग लेकर
स्मार्ट टीवी वितरित की। जिससे शाला स्मार्ट बन सके।
मुख्य अतिथि जिला परियोजना समन्वयक ओपी बनडे, विशेष अतिथि बीईओ अखिलेश पारे व मंडल संयोजक दिनेश पटेल ने प्राथमिक विद्यालय छोटी खरगोन, निमसर, कोदलाखेडी व पालदा के प्रधान पाठकों को भेंट की। डीपीसी बनडे ने सतत 100 शैक्षिक व सामाजिक ग्रुप की इस पहल को नवाचार बताया। पारे ने कहा शाला, शिक्षक व बच्चे इन संसाधनों से स्मार्ट बने। संकुल प्राचार्य धुले ने कहा प्रेम, प्रेरणा व प्रोत्साहन से प्रशासनिक व्यवस्था के साथ हमें आगे आकर काम को नया रूप देकर बच्चों मे गुणवत्ता युक्त शिक्षा को बढावा देना है। इस दौरान जनशिक्षक महेंद्र सिंह पटेल, राजेंद्र शर्मा, संजय पटेल, अर्जुन चोयल, राजेंद्र चौहान, अजय राठौड़, ग्यारसी पटेल, इसरार शेख, हिम्मत सिटोले, सारिका सिटोले व मनीषा पाटीदार मौजूद थी।



Due to lack of mobile coverage, students of rural areas have been disconnected, again and again, they could hardly join on the first day.




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