शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2020

गेट खुले होने से नर्मदा में तेज बहाव, नौकायन टला; भेड़ाघाट में बीते साल सितंबर में बोटिंग हो गई थी चालू

गेट खुले होने से नर्मदा में तेज बहाव, नौकायन टला; भेड़ाघाट में बीते साल सितंबर में बोटिंग हो गई थी चालू

मण्डला एरिया में बीते कुछ दिनों में हुई बरसात का असर यह हुआ है कि बरगी बाँध के गेट औसत से ज्यादा दिनों तक खुले रहे। बाँध के गेट खुले होने से नर्मदा में बहाव इस साल ज्यादा है और यह अब भी बना हुआ है।

नर्मदा में बहाव के चलते गुरुवार 15 अक्टूबर से भेड़ाघाट पंचवटी में चालू होने वाला नौकायन टाल दिया गया है। अब आगे इसका इंतजार किया जा रहा है कि नर्मदा में बहाव सामान्य हो तब बोटिंग आरंभ हो। गौरतलब है कि पंचवटी में पर्यटकों के लिए नौकायन हमेशा 15 अक्टूबर से चालू होता है। बीते साल तो पर्यटकों की माँग पर बारिश ज्यादा हुई तो भी 27 सितंबर को आरंभ कर दिया गया था, पर इस बार अभी कोई तिथि निर्धारित नहीं हो पा रही है। नाविकों का कहना है कि जब तक नर्मदा में बहाव सामान्य नहीं हो जाता है तब तक नौकायन जोखिमों से भरा है। बरगी बाँध का एक गेट अब भी खुला है।

इस गेट को आधा मीटर की सीमा तक खोलकर 250 घनमीटर प्रति सेकेण्ड की रफ्तार से पानी बाहर किया जा रहा है। यही पानी नर्मदा में जाता है जिससे नदी के स्वाभाविक बहाव के साथ और ज्यादा मात्रा में पानी मिलने से फ्लो और तेज हो जाता है। भेड़ाघाट नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार बरगी बाँध के पूरे गेट जब बंद होंगे उसके 20 से 25 घण्टों का समय गुजरने के बाद ही नर्मदा में नौकायन चालू हो सकता है। कुल मिलाकर भेड़ाघाट में पर्यटन का अधिकृत सीजन नौकायन के साथ अभी 3 से 4 दिन बाद ही आरंभ हो सकता है।

20 मार्च से बंद है बोटिंग
जबलपुर में कोरोना का पहला केस मिलने के साथ ही भेड़ाघाट क्षेत्र में लोगों का जाना वर्जित कर दिया गया था। इसी के साथ नौकायन भी बंद कर दिया गया था। अब पर्यटन का सीजन शुरू होने वाला है इसको लेकर यहाँ के दुकानदार, व्यापारी, नाविक और पर्यटन से जुड़े लोग बेसब्री से इसका इंतजार कर रहे हैं। धुआँधार फाॅल को निहारने के साथ पंचवटी में लोग नौकायन का मजा लेते हैं। इसके आरंभ होने से ही यहाँ पर पर्यटकों की संख्या बढ़ती है। खासकर फेस्टिवल सीजन में यह संख्या अधिक होती है।

इतने पर्यटक नहीं आ सकेंगे
सभी सीजन को मिला दिया जाए तो भेड़ाघाट में औसतन 5 लाख 80 हजार से अधिक पर्यटक आते हैं। विदेशी पर्यटकों की जहाँ तक बात की जाए तो 400 से 600 पर्यटक ही आते हैं। विदेशियों की संख्या सीमित है। जानकारों का कहना है कि कोरोना संकट काल में पर्यटकों की संख्या में इस साल शेष सीजन में इजाफा उतना अधिक नहीं होगा, लेकिन इस व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि गतिविधियाँ यहाँ जल्द सामान्य हों इसका इंतजार है। नाविक भी नर्मदा का बहाव कम होने का इंतजार कर रहे हैं।



नौकायन बंद होने से सूना पड़ा सरस्वती घाट।




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