मालदार कॉलोनाइजरों ने कलेक्टर और नगर निगम प्रशासक के आदेश की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं। बिना सड़क, पानी और बिजली का इंतजाम किए कॉलोनी काटने वाले 9 कॉलोनाइजरों को निगम में 10 अक्टूबर को नोटिस जारी किए थे। जवाब के लिए सात दिन का समय दिया था। 16 दिन गुजर चुके हैं। पांच कॉलोनाइजरों ने जवाब तक देना मुनासिब नहीं समझा। रही सही कसर इंजीनियरों की टीम ने पूरी कर दी।
आयुक्त सोमनाथ झारिया ने टीम को 10 दिन में कॉलोनियों का रिकॉर्ड चेक करके बंधक रखे गए प्लाट और किए गए विकास कार्यों की जांच कर रिपोर्ट देना थी। विपरीत इसके इंजीनियर जांच ही पूरी नहीं कर पाए हैं। बताया जा रहा है कि दो-तीन बार तकादा कर चुके कलेक्टर मंगलवार या बुधवार को बड़ा एक्शन ले सकते हैं।
जिन कॉलोनाइजरों पर एफआईआर, उनकी फाइल फिर खुलेगी
निगम सूत्रों की मानें तो अफसरों ने ऐसे कॉलोनाइजरों की फाइल भी खोलना शुरू कर दी है, जिन पर बंधक प्लाट बेचने के मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इनमें ऊं-काला रोड स्थित रॉयल रेसीडेंसी (पहेल उत्तम उन्नति), गोपाल नगर सहित कुछ अन्य नाम शामिल हैं। पुलिस ने भले ही इन्हें छोड़ दिया हो, निगम के पास पूरा रिकॉर्ड है। बताया जा रहा है कि अब उसी आधार पर कॉलोनी एक्ट में कार्रवाई होगी।
आज इंजीनियरों से लेंगे रिपोर्ट
सिटी इंजीनियर सुरेशचंद्र व्यास ने बताया त्योहारों की छुट्टियां आ गई थीं। एक-दो दिन में इंजीनियरों से उन सभी कॉलोनियों की रिपोर्ट लेंगे, जिन्हें नोटिस जारी किए गए थे। जिनके जवाब नहीं आए हैं। उन्हें दोबारा नोटिस जारी करने के साथ नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।
इन कॉलोनाइजर को नगर निगम प्रशासन ने जारी किए थे नोटिस
- मनीष पूनमचंद सुराणा, सर्वे नंबर 490/2/2 रत्नेश्वर रोड
- भागचंद कोठारी, यशोवर्धन टाउनशिप सर्वे नंबर 1065/3/2
- राजकुमार पूनमचंद सुराणा, रुद्रधाम, सर्वे नंबर 487/1/2 रत्नेश्वर रोड
- अनिल कृष्णकुमार झालानी, रचना हाउसिंग, सर्वे नंबर 172/2 व अन्य, 18 भक्तन की बावड़ी
- कालूराम गोवर्धन धाकड़, सर्वे नंबर 137/10 व 137/12, मधुवन टाउनशिप विरियाखेड़ी
- सतीश मोडीराम झवंर, सर्वे क्रमांक 548/1/3 व 548/1/4 करमदी रोड
- विजेंद्र शांतिलाल गादिया सर्वे नंबर 1023 व 1024 सुदामा परिसर
- मनीष-पूनमचंद सुराणा सर्वे नंबर 120/2 गोपाल नगर
- हसन उल्ला-अ. रहीम शेख, सर्वे क्रमांक 43/1 व अन्य एमबी नगर।
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