कोरोना वायरस के संक्रमण से शहर का कोई भी कोना अछूता नहीं रहा। जिले में पहला कोरोना संक्रमित चेतकपुरी में 24 मार्च को मिला था। अगस्त-सितंबर में संक्रमितों की संख्या इतनी तेजी से बढ़ गई कि डर और चिंता ज्यादा बढ़ गई। स्थिति ये है कि 191 दिन (24 मार्च से 30 सितंबर तक) में शहर के अस्पतालों में जगह कम पड़ गई। कोरोना संक्रमण के शिकार लोगों के लिए बनाए गए विशेष कोविड अस्पतालों में भी बिस्तर फुल रहे।
नगर निगम सीमा क्षेत्र में देखें तो मुरार, थाटीपुर, विनय नगर, सुरेश नगर, घोसीपुरा समेत 50 से ज्यादा कॉलोनी-मोहल्ले ऐसे हैं जिनमें एक दर्जन से अधिक संक्रमित अब तक मिल चुके हैं। इनमें से कई मरीजों को इलाज के लिए भोपाल या दिल्ली का रुख करना पड़ा। मुरार और बहोड़ापुर में संक्रमितों की संख्या 100 के पार रही। अकेले शिंदे की छावनी में 76 और पड़ाव में 75 मरीज मिले।
एक्सपर्ट... अक्टूबर में और बरतनी होगी सावधानी
कोरोना संक्रमण सितंबर में घातक रूप में सामने आया है। यही कारण है कि कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ गई। यही नहीं, जो मरीज अस्पताल पहुंचे उनमें से ज्यादातर को ऑक्सीजन देना पड़ी। अब मौसम बदल रहा है। जिसके चलते अक्टूबर में वायरल जनित बीमारियों के साथ-साथ श्वांस संबंधी बीमारियां लोगों को परेशान करेंगी। ऐसी स्थिति में कोरोना संक्रमण अक्टूबर में और घातक होने की आशंका है। इसलिए श्वांस के मरीजों के साथ-साथ वृद्धों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
-डॉ. विजय गर्ग, असिस्टेंट प्रोफेसर मेडिसिन विभाग, जीआरएमसी
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