ग्राम पंचायत मालनपुर और हरिरामपुरा में पानी की समस्या को दूर करने के लिए शासन द्वारा वर्ष 2005में बनकर तैयार कराई गई, जो अब तक चालू नहीं हो सकी है। इस कारण से ग्रामीण पानी के लिए परेशान हैं। वहीं ग्रामीण रोजाना 500 रुपए खर्च कर पानी से भरा टैंकर खरीद रहे हैं।
गौरतलब है कि ग्राम पंचायत मालनपुर और हरिरामपुरा की वर्तमान आबादी लगभग 10 हजार है। ग्राम पंचायत की आबादी को पेयजल समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए वर्ष 2005 में 78 लाख रुपए की लागत से नलजल योजना का काम शुरू किया गया था, इस दौरान पानी की टंकी बनकर तैयार हुई थी। वहीं दोनों गांवों में पाइप लाइन बिछाई गई थी। साथ ही बोरिंग कराकर मोटरपंप डाले गए थे। लेकिन नलजल योजना शुरू नहीं हुई। जिसके चलते ग्राम पंचायत में पानी के हालात वर्तमान में 15 साल पहले जैसे बने हुए हैं।
पेमेंट नहीं होने से उठा ले गए ट्रांसफार्मरःबोरिंग को चालू करने के लिए बिजली कंपनी द्वारा नया ट्रांसफार्मर लगाया था। इस ट्रांसफार्मर से एक भी दिन बोरिंग मोटरपंप तो नहीं चला, लेकिन आसपास रहने वाले लोगों ने अवैध कनेक्शन लेते हुए अपने घरों की लाइट जरूर जलाई। मगर कुछ वर्ष पहले बिजली कंपनी ने पेमेंट नहीं होने के चलते ट्रांसफार्मर हो उठवा लिया।
500 रुपए में खरीदते हैं टैंकर, गर्मी में आती है ज्यादा परेशानी
ग्रामीण रमेश कुशवाह, सतीष सिंह, भूपेंद्र सिंह,ज्ञानसिंह आदि बताते हैं। मालनपुर में पानी का संकट लंबे समय से बना हुआ है। 15 साल पहले जब नलजल योजना का काम शुरू हुआ तो हम सभी ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी थी कि अब हमारे घरों में भी सुबह-शाम नल आएंगे। लेकिन योजनाअब-तक चालू नहीं हुई है। ऐसे में हम ग्रामीण हैंडपंप से पानी भरने के अलावा 500 रुपए खर्च कर पानी का टैंकर खरीदते हैं। इस के अलावा हम लोगों ने योजना को चालू कराने के लिए जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारियों के यहां चक्कर लगाकर मांग की। लेकिन कुछ नहीं हुआ।
पंचायत को नहीं हुई हैंडओवर
नलजल योजना को अभी-तक ग्राम पंचायत को हैंडओवर नहीं की गई है, जबकि मेरे द्वारा इसके लिए कई बार विभागीय अधिकारियों से मांग की जा चुकी है।
लोकेंद्र सिंह, सरपंच, ग्राम पंचायत मालनपुर
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