बीडीए की परी बाजार- रामनगर रीडेंसीफिकेशन योजना के लिए करीब 2 साल पहले जो 71 सरकारी मकान खाली कराए गए थे उन पर कब्जे हो गए हैं। इन कब्जों के कारण बीडीए जमीन का आधिपत्य नहीं ले पा रहा है और प्रोजेक्ट का काम शुरू नहीं हो पा रहा है। बीडीए दो-तीन बार मुनादी करके कब्जे खाली करने की चेतावनी दे चुका है। अब पीडब्ल्यूडी व बीडीए 16 सितंबर से बेदखली अभियान चलाएगा।
बीडीए 1 अक्टूबर से निर्माण शुरू करने की योजना बना रहा है। शाहजहांनाबाद क्षेत्र में 10.02 हेक्टेयर जमीन पर परी बाजार, रामनगर और आसपास के क्षेत्र में स्थित 344 सरकारी मकानों और अन्य निर्माणों को तोड़ कर 460 नए मकान बनाए जाना हैं। इन 344 मकानों में से 71 मकान 2 साल पहले खाली कराए जा चुके हैं। लेकिन प्रशासनिक अड़चनों में उलझने से हुई देरी के कारण यहां अवैध कब्जे हो गए हैं।
यह है जमीन का हिसाब-किताब
- 10.02 हेक्टेयर कुल जमीन
- 5.17 हेक्टेयर पर होगा निर्माण
- 5.03 हेक्टेयर डेवलपर को मिलेगी
बीडीए की प्लानिंग यह है कि पहले चरण में 71 खाली मकानों को तोड़कर 156 मकान बनाए जाएं। फिर जिन मकानों में सरकारी कर्मचारी रह रहे हैं उन्हें 151 मकान आवंटित करके खाली मकान तोड़े जाएं। फिर 176 व उसके बाद 128 मकान बनाए जाएंगे।
आसरा वृद्धाश्रम का भी निर्माण किया जाएगा
यहां स्थित आसरा वृद्धाश्रम भी जर्जर हो रहा है। प्रोजेक्ट में नए वृद्धाश्रम का भी निर्माण किया जाना है। प्रोजेक्ट इस तरह से डिजाइन किया गया है कि डेवलपर को 5.03 एकड़ जमीन मिलेगी, जिस पर रेसीडेंशियल और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स डेवलप किया जा सकेगा।
1 अक्टूबर से निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा
बीडीए, एक्जीक्युटिव इंजीनियर, एसके मिश्रा ने कहा कि परी बाजार- राम नगर रीडेंसीफिकेशन प्रोजेक्ट का काम शुरू करने के लिए हमारी तैयारी पूरी है। पीडब्ल्यूडी और प्रशासन के साथ 16 सितंबर से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलेगा। न केवल मकानों बल्कि उनके आसपास भी अतिक्रमण हो गया है। 1 अक्टूबर से निर्माण शुरू किया जाना है।
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